दिल्ली :बीजेपी में शामिल हुए टीएमसी के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी,कहा टीएमसी में है वसूली कल्चर

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देश /डेस्क

टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने आज विधिवत भाजपा का दामन थाम लिया ।मालूम हो कि दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा ने उन्हें पुष्पगुच्छ प्रदान कर बीजेपी में शामिल करवाया वही इस मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संबित पात्रा मौजूद रहे ।

इस मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा ने कहा की श्री त्रिवेदी के बीजेपी में शामिल होने से बंगाल में भाजपा मजबूत होगी और श्री त्रिवेदी अब सही पार्टी में शामिल हुए हैं । श्री नड्डा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में भ्रष्टाचार, अवसरवादिता, लोकतंत्र की हत्या, संस्थाओं का गला घोंटना, ये सब कुछ विराजमान है।इसीलिए संवेदनशील और विवेकशील व्यक्तित्व के धनी दिनेश त्रिवेदी ने तृणमूल को छोड़कर आज भाजपा को जॉइन किया है।






उन्होंने कहा कि जब मैं दिनेश त्रिवेदी की बात करता था तो मैं हमेशा कहता था कि वो एक अच्छे व्यक्ति गलत पार्टी में हैं और ये वो भी महसूस करते थे। अब सही व्यक्ति सही पार्टी में है, जहां हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका उपयोग देश की सेवा में कर सकेंगे ।बता दे की बीते 12 फरवरी को श्री त्रिवेदी ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दिया था ।

इस मौके पर श्री त्रिवेदी ने कहा कि बीजेपी जनता का परिवार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है ,उन्होंने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों की वजह से आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का नाम सम्मान के साथ लिया जा रहा है और बीजेपी के लिए देश सर्वोपरि है ।






उन्होने कहा कि पीएम के नेतृत्व में देश सुरक्षित है और पड़ोसी देश भी आज कह रहे है कि हिंदुस्तान जो कहता है वो करता है । उन्होंने टीएमसी एवं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीीएमसी में वसूली कल्चर है जिससे वह परेशान हो चुके थे। उन्होंने कहां की टीएमसी में सिर्फ परिवार की सेवा होती है ।वहीं श्री त्रिवेदी ने आज केेेे दिन को स्वर्णिम दिन बताया है । उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने तृणमूल कांग्रेस को नकार दिया है। बंगाल की जनता तरक्की चाहती है वो हिंसा और भ्रष्टाचार नहीं चाहती। राजनीति कोई ‘खेला’ नहीं होता, ये एक गंभीर चीज है। खेलते-खेलते वो(ममता बनर्जी) आदर्श भूल गई हैं ।






सबसे ज्यादा पड़ गई