किशनगंज। प्रधान शिक्षक शिष्टमंडल, बिहार के प्रतिनिधियों ने विक्रम मिश्रा के नेतृत्व में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मुलाकात कर शिक्षकों एवं प्रधान शिक्षकों से जुड़ी महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान की मांग की। इस अवसर पर शिक्षक शमीम अख्तर, प्रभाकर कुमार, मुकेश कुमार, गौतम कुमार सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
शिष्टमंडल ने शिक्षा मंत्री को दो अलग-अलग मांग पत्र सौंपे। पहले मांग पत्र में नियमित सत्र 2014-16, 2015-17 एवं 2016-18 में प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद विरमन तिथि से वित्तीय लाभ प्रदान करने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कुछ शिक्षकों को वित्तीय लाभ प्रदान किया जा चुका है, जबकि समान परिस्थितियों में प्रशिक्षण प्राप्त हजारों शिक्षक अब भी इस लाभ से वंचित हैं। इससे शिक्षकों के बीच असंतोष एवं असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वहीं दूसरे मांग पत्र में बिहार के नवनियुक्त प्रधान शिक्षकों की वेतन विसंगति एवं लंबित एरियर भुगतान का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य के प्रधान शिक्षक विद्यालयों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन आज भी अनेक स्थानों पर वे अपने से कनिष्ठ शिक्षकों की तुलना में कम वेतन प्राप्त कर रहे हैं। इससे पद की गरिमा प्रभावित हो रही है तथा प्रधान शिक्षकों में निराशा का माहौल है।
शिष्टमंडल ने शिक्षा मंत्री से प्रधान शिक्षकों के मूल वेतन में पद एवं दायित्व के अनुरूप वृद्धि करने, नियुक्ति तिथि से लंबित एरियर का भुगतान सुनिश्चित करने तथा वेतन निर्धारण से संबंधित सभी विसंगतियों का स्थायी समाधान करने की मांग की। साथ ही सभी पात्र एवं वंचित प्रशिक्षित शिक्षकों को विरमन तिथि से वित्तीय लाभ देने की भी मांग रखी।
मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों एवं प्रधान शिक्षकों की समस्याओं को सरकार गंभीरता से ले रही है तथा एक माह के भीतर इन मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। मंत्री के इस आश्वासन से प्रतिनिधिमंडल में उत्साह देखा गया और शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
शिष्टमंडल ने कहा कि यदि सरकार सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे राज्य के हजारों प्रशिक्षित शिक्षकों एवं प्रधान शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।


























