किशनगंज /प्रतिनिधि
किशनगंज शहर के मध्य से गुजरने वाली रमजान नदी के सौंदर्यीकरण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है।मालूम हो करीब 9 करोड़ 87 लाख की लागत से रमजान नदी के सौंदर्य करण का कार्य किया जा रहा है ।लेकिन पहली बारिश में तीन माह पूर्व बनी पेवर ब्लॉक सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब जो मरम्मती कार्य की जा रही है उसमें भी बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है ।मौके पर कार्य कर रहे मजदूर भी अनियमिता कि बात को स्वीकार करते दिखे और कहा कि काम में लापरवाही बरती गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कटाव रोकने के लिए
तकनीकी मानकों के अनुरूप बालू से भरी बोरियां लगाने के बजाय कच्ची मिट्टी से भरी बोरियां डाली जा रही हैं। उनका कहना है कि तेज बहाव में मिट्टी की बोरियां जल्द बह सकती हैं, जिससे कटाव रोकने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा और सरकारी धन की फिर से बर्बादी होगी।पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने कहा कि कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया है ।
जिसका नतीजा है कि पहली बरसात में ही पैभर ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गया है ।उन्होंने कहा कि कटाव रोकने के लिए बालू का उपयोग किया जाना चाहिए था लेकिन उसके स्थान पर मिट्टी डाली जा रही है ।श्री आलम ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग की है ।जबकि पूरे मामले पर जलनिस्सरण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार ने फोन पर अनियमितता की बात से इनकार किया है।





















