संवाददाता/ किशनगंज
बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान अध्यक्ष श्री कुमार ने लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए पेंडिंग बच्चों की विशेष छानबीन करने तथा छानबीन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए सतत एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
श्रम अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व में धावा दल मंगलवार एवं बुधवार को क्षेत्र में निकलता था। इस पर जिला पदाधिकारी विशाल राज के निर्देशानुसार किसी भी दिन एवं समय निर्धारित कर धावा दल के साथ औचक छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बाल श्रम पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में 77 बच्चों के लाभुक परिवारों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया गया। इनमें राशन कार्ड, जॉब कार्ड सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने तथा परिवारों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति पर विशेष बल दिया गया।
अध्यक्ष श्री कुमार ने एडीएम को निर्देश दिया कि श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही जिले के सभी ईंट भट्टा संचालकों को बुलाकर बैठक करने तथा भट्टों पर कार्यरत बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु शिक्षकों की नियुक्ति कराने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में सभी भट्टा मालिकों को सूचना उपलब्ध कराने हेतु भी एडीएम को निर्देशित किया गया।
अध्यक्ष श्री कुमार ने कहा कि सचिव स्तर पर बैठक कर बाल श्रम से संबंधित कानूनों को और सख्त बनाने की दिशा में पहल की जाएगी, ताकि बाल श्रम में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अधिक संख्या में बच्चे कार्यरत पाए जाते हैं, वहां विशेष रूप से भ्रमण कर निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही सभी एनजीओ को बच्चों के हित में जागरूकता अभियान चलाने, नुक्कड़ नाटक एवं अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। एनजीओ द्वारा पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्यों की सूची तैयार करने तथा जिले के 05 एनजीओ की सूचीकरण (लिस्टिंग) करने का भी निर्देश दिया गया।
शिक्षा विभाग एवं एडीएम को टोला सेवकों के साथ बैठक कर पंचायत स्तर पर बच्चों का रजिस्टर तैयार करने तथा नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में डीएसपी (साइबर) को निर्देश दिया गया कि धावा दल के साथ जाने वाले पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार जिला से पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही धावा दल द्वारा चाय दुकानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कराने का भी निर्देश दिया गया।
77 बच्चों के परिवारों से संबंधित समेकित प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त बाल सुधार गृह में सप्ताह में एक बार चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति हेतु सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके हित में कार्य करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में एडीएम श्री अमरेन्द्र कुमार पंकज, सिविल सर्जन, श्रम अधीक्षक सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। साथ ही जिले में कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, जिनमें मोo मुजाहिद आलम, जिला परियोजना समन्वयक, जन निर्माण केन्द्र, किशनगंज एवं अन्य एनजीओ सदस्य भी शामिल रहे।
























