चैती छठ पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को दिया अर्घ्य, श्रद्धा और उल्लास का माहौल

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किशनगंज /विजय कुमार साह

किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में चैती छठ महापर्व का पहला अर्घ्य मंगलवार की संध्या अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां व्रती महिलाओं और पुरुषों ने अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

चैती छठ, जिसे साल में दो बार मनाया जाता है, क्षेत्र में सदियों से आस्था और परंपरा के साथ मनाया जाता रहा है। इस वर्ष पर्व की शुरुआत 22 मार्च को ‘नहाय-खाय’ के साथ हुई, जबकि 23 मार्च को ‘खरना’ की रस्म निभाई गई। तीसरे दिन मंगलवार को व्रतियों ने पूरे विधि-विधान के साथ शाम का अर्घ्य दिया।

अब बुधवार, 25 मार्च की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ इस चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा। फुलबरिया दुर्गा मंदिर परिसर स्थित छठ घाट पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। व्रती महिलाएं लाल-पीले पारंपरिक वस्त्र धारण कर, हाथों में सूप लेकर जल में खड़ी होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य देती नजर आईं। पूरे वातावरण में भक्ति गीतों और ‘छठी मईया’ के जयकारों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया।

व्रती महिला मीना देवी ने बताया कि छठ पूजा अत्यंत कठिन और पवित्र व्रत है, जिसे पूरी निष्ठा और श्रद्धा से करने पर सैकड़ों गुना फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि इस व्रत के माध्यम से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी सत्येंद्र झा एवं चन्द्रदेव तिवारी सहित बिनोद साह, शुभम तिवारी, राहुल पाठक, कालू पोद्दार, आदित्य, पवन अग्रवाल, अभिराज गुप्ता, चंदेश्वर साह, बिक्की सिंह, परमेश्वर साह, झड़ी लाल साह, रंजीत साह, लक्की पोद्दार समेत कई श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने भी पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

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