कटिहार:जिले भर मे प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है – जिला कृषि पदाधिकारी

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बेमौसम बरसात व चक्रवात से तैयार फसल तबाह

कटिहार ग्रामीण – पिछले दिनों सूबे के विभिन्न क्षेत्रों में आयी तेज आंधी और बेमौसम की बरसात के कारण खेतों में पककर तैयार फसल की व्यापक क्षति हुई है। कटिहार जिले केविभिन्न प्रखंडों में भी किसानों की तैयार मक्का, गेहूं की व्यापक क्षति से किसानों की उम्मीदों पर जहां पानी फिर गया है, उनकी माली दशा भी प्रभावित हुई है.मनिहारी क्षेत्र समेत बौलिया पंचायत में बीते दिनों आई तेज बारिश और आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।

अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय किसानों के अनुसार लगभग 100 से 150 एकड़ में लगी मक्का समेत अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। जिससे सैकड़ों किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बुवाई और सिंचाई की थी। लेकिन फसल नष्ट हो जाने से अब उनके सामने परिवार चलाने तक की समस्या खड़ी हो गई है।

दो से तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कृषि विभाग के कोई भी अधिकारी या कर्मचारी क्षति का आकलन करने खेतों तक नहीं पहुंचे हैं। इससे किसानों में भारी नाराजगी और आक्रोश है। बौलिया पंचायत के मुखिया जर्जिस आलम की भी फसल इस आपदा में बर्बाद हुई है। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द क्षेत्र का निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा मिलने वाला मुआवजा दिलाया जाए।

स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और वे इस संकट से उबर सकें इस बाबत पूछे जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने जानकारी दी कि जिला पदाधिकारी के निर्देश के आलोक मे प्रत्येक प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं अंचल पदाधिकारी द्वारा प्रपत्र एक एवं दो में हुई फसल क्षति एवं प्रभावित फसलों का प्रतिवेदन मांगा गया है।

प्राथमिकता के तौर पर हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है. प्रखंडों से प्राप्त फसल क्षति संवंधी प्रतिवेदनों को वरीय अधिकारी को समर्पित करते हुए प्राप्त दिशा निर्देश के आलोक में अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।

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