राष्ट्र निर्माण और समाज सुधार का संकल्प,गायत्री परिवार की कार्यशाला में बना रोडमैप

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किशनगंज। संवाददाता


शान्तिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित जन शताब्दी वर्ष 2026 कार्यक्रम के अंतर्गत तेघरिया स्थित गायत्री शक्तिपीठ प्रांगण में “शताब्दी अनुयाज कार्यशाला” का आयोजन दिव्यता व भव्यता के साथ किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुजफ्फरपुर से पधारे जोन समन्वयक शशि भूषण ठाकुर ने की।


कार्यशाला में शान्तिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि संतोष प्रेम चौधरी, पूर्णिया उपजोन समन्वयक प्रदीप पंड्या, जिला समन्वयक मायाकांत झा, ट्रस्टीगण तथा प्रखंड व जिला कमिटी के सदस्य सहित सैकड़ों की संख्या में सक्रिय गायत्री परिजन शामिल हुए।


कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री महामंत्र एवं गुरु वंदना के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत ट्रस्टी सुदामा राय एवं ट्रस्टी डॉ. वेद आर्या ने गायत्री मंत्र चादर, पौधा व तिलक लगाकर किया। इस अवसर पर परिजनों ने राष्ट्र प्रेम को जागृत करने वाले भजनों की प्रस्तुति दी।


कार्यशाला को संबोधित करते हुए जोन समन्वयक शशि भूषण ठाकुर ने कहा कि गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष, माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा सिद्ध अखण्ड दीप के प्राकट्य के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्र निर्माण, समाज निर्माण और युग निर्माण के लिए कई सकारात्मक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का मूल संदेश “हम बदलेंगे तो युग बदलेगा” आज ब्रह्मांडीय आदेश के रूप में सामने आ रहा है।


कार्यशाला में परिजनों द्वारा लिए गए संकल्पों पर चर्चा की गई। इसमें नशा मुक्ति अभियान, पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, नदियों को गोद लेकर तटों की सफाई, यज्ञ-हवन, देव स्थापना, नारी सशक्तिकरण, युवा जागरण सहित कई रचनात्मक कार्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों को समाज के सभी वर्गों के सहयोग से पूरा किया जाएगा।


पूर्णिया उपजोन से आए प्रदीप पंड्या ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व युद्ध की आशंका, ऊर्जा संकट, आर्थिक अस्थिरता और पर्यावरणीय समस्याओं जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। जलवायु परिवर्तन और असंतुलित जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में संयमित जीवन और योग-साधना से जुड़ना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें अपनी संस्कृति व परंपराओं पर गर्व करना चाहिए।
शान्तिकुंज प्रतिनिधि संतोष प्रेम चौधरी ने कहा कि गायत्री परिवार “विचार क्रांति अभियान” के मूल सिद्धांत पर आधारित एक जीवंत आंदोलन है, जो जाति, रंग, भाषा या पंथ के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को जोड़ने का कार्य करता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गायत्री परिवार के नाम पर बिना रसीद के धन की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत शांतिकुंज या जिला ट्रस्ट को दें। संस्था के सभी कार्यक्रम जिला ट्रस्ट की वैध रसीद के माध्यम से ही संचालित किए जाएंगे।


सहायक ट्रस्टी मिक्की साहा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शांतिकुंज के मार्गदर्शन में जिले में लगातार रचनात्मक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें सभी परिजनों की भागीदारी रहती है। उन्होंने कहा कि आगे प्रखंड स्तर पर भी गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि मिशन के संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।


इस अवसर पर ट्रस्टी परमानंद यादव, चेतनारायण सिंह, देवालय प्रमुख छवि, श्वेता सुमन, कुष्पत राय, सोहन लाल मंडल, पंचानंद सिंह, मनोज कुमार सिन्हा, नवीन कुमार मल्लाह, पूरन लाल माझी, सुमित साहा, बलराम ठाकुर, हरगोपाल, आशुतोष, मदन सिन्हा, बागेश्वर सिंह, हेमंत चौधरी, कृष्णानंद चौधरी सहित कई सक्रिय परिजन मौजूद थे।

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