कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

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व्यवहार न्यायालय किशनगंज एवं राहत संस्था (ए पार्टनर) के संयुक्त तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण एवं जागरूकता प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन न्यायालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती शारदा ने की।
आयोजित कार्यशाला में न्यायालय परिसर में कार्यरत महिला कर्मियों एवं कामकाजी महिलाओं को जागरूक किया गया।

इस दौरान डॉक्टर फरजाना बेगम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित कानून, महिलाओं के अधिकार तथा ऐसी स्थिति में क्या करें और क्या नहीं करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी।


डॉ. फरजाना बेगम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यौन उत्पीड़न का प्रयास करता है तो सबसे पहले उसका विरोध करें, उसे रोकें और अपनी आवाज बुलंद करें। यह प्रत्येक महिला का अधिकार है और अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहना बेहद आवश्यक है।


अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती शारदा ने कहा कि न्यायालय की मंशा है कि हर महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो तथा किसी भी प्रकार के अत्याचार के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाए। उन्होंने बताया कि न्यायालय में आंतरिक शिकायत समिति गठित है, जहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसके अलावा शिकायत दर्ज करने के लिए सी-बॉक्स भी लगाया गया है।


न्यायिक दंडाधिकारी श्री रणधीर कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सुरक्षा एवं अधिकारों के लिए संघर्ष करने का अधिकार है और न्यायालय पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहयोग एवं न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रीमती शोभना त्रिपाठी ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास किसी महिला के साथ अन्याय होता दिखे तो उसके समर्थन में आगे आएं और सहयोग करें, ताकि सुरक्षित कार्यस्थल का वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में कोर्ट मैनेजर रवि प्रकाश सहित न्यायालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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