मानव एवं गौ सेवा के लिए जीवन समर्पित स्वामी रमेशानंद सरस्वती

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कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):

एक ऐसा महान पुरुष जिसने अपना पूरा जीवन मानव सेवा एवं गौ सेवा के लिए संकल्पित कर दिया है. वह अपने जीवन का एक एक पल मानव की सेवा एवं गौ की सेवा में व्यतीत कर रहे है. वह महान पुरुष स्वामी रमेशानन्द सरस्वती है .जो पेसा से सर सुंदरलाल चिकित्सालय में ड्रेसर हैं लेकिन कर्म से एक महान योगी हैं. वे दिन में जहां अस्पताल में मरीजों की सेवा में लीन रहते हैं वही अस्पताल से निकलने के बाद गौ सेवा में अपना समय व्यतीत करते हैं.

इतना ही नहीं स्वामी रमेशानन्द सरस्वती वाराणसी स्थित स्वामी वितारागानंद सरस्वती परमहंस गौ सेवा आश्रम ,रमना, टिकरी, के पीठाधीश्वर भी है उनका शेष समय इसी आश्रम में गौ सेवा में व्यतीत होता है. इस आश्रम की स्थापना 1921 में हुई थी. बताते चलें कि स्वामी रमेशानन्द सरस्वती को 2 वर्ष की अवस्था में ही स्वामी वितरागानन्द कुटिया गऊ सेवा आश्रम रमना टिकरी वाराणसी के पीठाधीश्वर स्वामी परमानंद सरस्वती (सोमारू बाबा) के द्वारा दीक्षा दिया गया एवं यह संकल्प कराया गया कि आजीवन शादी नहीं करेंगे और मानव एवं गौ की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर देंगे.

इसी संकल्प के साथ स्वामी रमेशानन्द सरस्वती अपने जीवन मे अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते गए. शिक्षा प्राप्त करने के बाद कई सरकारी नौकरियां मिली लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया अंत में सर सुंदरलाल चिकित्सालय में ड्रेसर के पद पर नियुक्ति हुई. समय बीतता गया इसके बाद इन्हें आश्रम का पीठाधीश्वर बनाया गया जो वर्तमान में आश्रम में अपने पद पर विराजमान है. इनके द्वारा अस्पताल में मरीजों की श्रद्धा भाव के साथ सेवा किया जाता है वही शेष समय गौ सेवा में व्यतीत करते हैं .






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