दिघलबैंक/प्रतिनिधि
भारतीय संस्कृति और परंपराओं से बच्चों को जोड़ने के उद्देश्य से प्राथमिक विद्यालय उत्तर कुढ़ेली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव की पूर्व संध्या पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के दर्जनों नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मनमोहक रूप में सज-धजकर पहुंचे। बच्चों की वेशभूषा और प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया


कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का नाटकीय रूप से जीवंत मंचन भी किया। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में बेहतर प्रस्तुति देने वाले सभी बच्चों को विद्यालय की ओर से पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

प्रधान शिक्षक विक्रम मिश्रा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में ही वास्तविक भारत का दर्शन होता है। जब बच्चे ऐसे अवसरों पर अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत चित्रण करते हैं, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझने के साथ-साथ उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का अवसर प्रदान करते हैं।

मौके पर शिक्षक सुनिल कुमार एवं मारिया निजामी भी उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।