बिहार में सत्ता परिवर्तन: 14–15 अप्रैल पर टिकी नजरें,नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बरकरार

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक मनोनीत

15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण संभावित

रिपोर्ट: राजेश दुबे

बिहार में सत्ता परिवर्तन को लेकर राजधानी पटना से लेकर दिल्ली तक हलचल बढ़ गई है। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की कवायद तेज हो चुकी है।भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया के लिए पर्यवेक्षक के रूप में जिम्मेदारी दी है।

सूत्रों की माने तो 14 तारीख को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक होगी।बैठक में सर्वसम्मति से विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। बताते चले कि इसी दिन नितीश कैबिनेट की बैठक भी होगी और उसके बाद सीएम नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।


कैबिनेट बैठक के बाद ही सियासी तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है।वहीं, राज्य सरकार में मंत्री जमा खान ने पत्रकारों से बातचीत में बड़ा बयान देते हुए कहा कि 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण संभावित है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि नए मुख्यमंत्री के रूप में किसका नाम सामने आएगा।


भारतीय जनता पार्टी हमेशा से ही चौंकाने वाला कार्य करती आ रही है, ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री का नाम चौंकाने वाला होगा।पार्टी सरप्राइज कार्ड खेल सकती है।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहने वाला है।एक लंबे संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी यहां तक पहुंची है,पिछले चार दशकों के संघर्ष के बाद ऐसा समय आया है जब बिहार में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होगा,ऐसे में भारतीय जनता पार्टी राज्य के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव बहुत सोच समझ कर करने वाली है ताकि सहयोगी दलों को भी किसी तरह की कठिनाई नहीं हो।



फिलहाल, सभी की नजरें 14 और 15 अप्रैल पर टिकी हुई हैं। इन दो दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा फैसला सामने आ सकता है, जो राज्य की दिशा और दशा दोनों तय करेगा।

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