गुरु तेग बहादुर जी का 405 वां प्रकाश पर्व श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया

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कीर्तन, कथा-प्रवचन और अटूट लंगर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बरारी /कटिहार – प्रखंड  क्षेत्र के  कान्तनगर स्थित हिंद के चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा में उनका 405 वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर दूर-दराज से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु जुटे और गुरुद्वारा परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कार्यक्रम के दौरान रागी जत्था भाई ज्ञान सिंह ने गुरुबाणी का मधुर शब्द-कीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे संगत भावविभोर हो उठी।

वहीं कथावाचक दलजीत सिंह ने कथा-प्रवचन के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, त्याग और उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान त्रिलोक सिंह एवं महासचिव प्रभु सिंह ने बताया कि यह गुरुद्वारा ऐतिहासिक महत्व का केंद्र है। वर्ष 1666 में गुरु तेग बहादुर जी यहां पधारे थे और करीब छह माह तक प्रवास कर सिख धर्म का प्रचार-प्रसार किया तथा संगत को सत्संग और गुरुदीक्षा प्रदान की।

समापन अवसर पर अरदास के साथ कीर्तन-भजन का आयोजन किया गया। जिसके बाद गुरु का अटूट लंगर लगाया गया। लंगर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान त्रिलोक सिंह,महासचिव प्रभु सिंह,कमल सिंह, बलवंत सिंह, सत्यदेव सिंह, रविंद्र सिंह सहित  की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे ।

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