संवाददाता/ किशनगंज
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज विधान सभा क्षेत्र से जेडीयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के कथित बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। शेरशाहवादी समुदाय को बांग्लादेशी बताए जाने के विरोध में शनिवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समाज के लोगों ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने विधायक पर सीमांचल में नफरत फैलाने और भाईचारा बिगाड़ने का आरोप लगाया है।
शनिवार को ऑल बिहार शेरशाहवादी एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग किशनगंज समाहरणालय पहुंचे, जहां कांग्रेस, एआईएमआईएम और जन सुराज सहित कई दलों के नेताओं ने संयुक्त रूप से जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में ऑल बिहार शेरशाहवादी एसोसिएशन एक्शन कमेटी के संयोजक तौकीर आलम,विधायक कमरुल होदा, ए आई एम आई एम नेता अब्दुर रहमान, मौलाना अब्दुल रशीद और जन स्वराज पार्टी के नेता इकरामुल हक सहित कई लोग मौजूद रहे।
नेताओं ने आरोप लगाया कि ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल द्वारा शेरशाहवादी समुदाय को लेकर दिए गए बयान व मुख्यमंत्री को दिए गए आवेदन से सीमांचल में सामाजिक सौहार्द प्रभावित हुआ है। जिला पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई।किशनगंज विधायक कमरुल होदा ने कहा कि शेरशाहवादी समुदाय को बांग्लादेशी बताना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सीमांचल में भाईचारे का माहौल है।
लेकिन कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।वहीं तौकीर आलम ने कहा कि सीमांचल की गंगा-जमुनी तहजीब को तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो जन आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
जबकि एआईएमआईएम नेता अब्दुर रहमान ने विधायक गोपाल अग्रवाल के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाकर बयानबाजी करना गलत है और सरकार को मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।



























