एससी एसटी थानाध्यक्ष दीपू कुमार निलंबित, इंस्पेक्टर मनोज कुमार भारती को मिली थानाध्यक्ष की कमान

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सागर चंद्रा/किशनगंज

एससी एसटी थाने में प्राप्त आवेदन पर केस दर्ज नहीं करने के आरोप में एसपी संतोष कुमार ने एससी एसटी थानाध्यक्ष दीपू कुमार को निलंबित कर दिया है। एसपी ने विलंब से केस दर्ज करने, गंभीर प्रकृति के दर्ज कांडों में नियमानुसार कार्रवाई नहीं करने सहित अन्य कई प्रकरणों में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है।

साथ ही उन्हें 07 दिनों के अन्दर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं एसपी ने अभियोजन कोषांग प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार भारती को थानाध्यक्ष की कमान सौंप दी है।


दरअसल एसपी को सूचना प्राप्त हुई कि एक परिवादिनी के द्वारा एससी एसटी थाने में लिखित शिकायत किए जाने के 04 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसपी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) को मामले की जांच का निर्देश दिया।

जांच में पाया गया कि थानाध्यक्ष दीपू कुमार के द्वारा परिवादिनी के आवेदन के संदर्भ में थाना दैनिकी में कोई प्रविष्टि नहीं की गयी और न ही कोई कार्रवाई की गयी थी। हालांकि वरीय पदाधिकारी के द्वारा दिये गये निर्देश के उपरांत केस दर्ज किया गया था। वहीं एक दूसरे प्रकरण में पाया गया कि गंभीर प्रकृति के कांड में आरोपी की गिरफ्तारी और कांड के निष्पादन की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर सिर्फ खानापूर्ति की गयी है। जबकि तीसरे प्रकरण में पाया गया कि बहुत सारे आवेदनों में समझौता लिखा गया है। जो संतोषजनक नहीं है। ऐसे कई मामलों में आवेदन प्राप्ति एवं प्राथमिकी की तिथि भिन्न पाई गई।


जिससे स्पष्ट हो गया कि थानाध्यक्ष के द्वारा परिवाद या आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने, विलंब से दर्ज करने, गंभीर प्रकृति के दर्ज कांडों में नियमानुसार कार्रवाई नहीं करने सहित अन्य कई प्रकरणों में गंभिर अनियमितता बरती गयी है। जो इनके कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानेपन, स्वेच्छाचारिता, आदेश का उल्लंघन, संदिग्ध आचरण के साथ-साथ विभागीय या विधिक नियमों के उल्लंघन को परिलक्षित करता है।

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