वट सावित्री पर्व के मौके पर भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन,भक्तिमय हुआ माहौल 

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प्रज्ञा पीठ गायत्री नगर मैदानपुर कोचाधामन में एक दिवसीय समारोह का आयोजन वट सावित्री पर्व के मौके पर लिया गया। ब्रह्मदेव यादव की देख रेख में गायत्री परिजन हरिश्चंद्र सिंह की टोली द्वारा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । यज्ञ के माध्यम से विभिन्न प्रकार के संस्कार सम्पन्न किये गये । भाई हरिश्चंद्र ने कहा “यज्ञौ वै श्रेष्ठतमम कर्म” अर्थात जो भी श्रेष्ठ कार्य जनहित में किए जाते है उसे यज्ञ कहते है । पदार्थ यज्ञ के माध्यम से वातावरण की शुद्धता मानसिक स्वक्षता, शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ प्रत्यक्ष रूप से मिलता है जो आधुनिक विज्ञान भी शोध के माध्यम से प्रमाणित कर चुका है । 

श्रीबसिंह की टोली द्वारा प्रज्ञा संगीत की प्रस्तुति वातावरण का परिशोधन करता रहा । काफी संख्या में लोगों ने बढ़ चढ़ कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की । वट सावित्री महापर्व होने के कारण महिलाओं की उपस्थिति बढ़ चढ़ कर पाई गई । इस पवन अवसर पर वरिष्ठ प्रज्ञा पुत्र श्यामानंद झा, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यपक, शिक्षाविद्, पर्यावरणविद्, समाज सेवी, राष्ट्रपति पुरस्का से सम्मानित ने अपने संबोधन में सत्यवान और सावित्री की महत्वपूर्ण चर्चा करते हुए कहा कि हर पुरुष पत्नी के रूप में सावित्री जैसी की चाहत रखते है लेकिन ये भूल जाते है कि सावित्री जैसी पत्नी प्राप्त करने के लिए स्वयं भी सत्यवान बनाना अत्यावश्यक है ।

सत्यवान और सावित्री सिर्फ एक कथा नहीं वरन आज की परिस्थिति महती आवश्यकता बन चुकी है । मनुष्य ने देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्गिक वातावरण तैयार करने हेतु आज का यह पर्व काफी महत्व रखता है । आगे बोलते हुए श्री झा ने कहा जो बना है, वह तो बिगड़ेगा, जो बिगड़ा है, वह बनेगा भी, एकनशारीर की मृत्यु ही, दूसरे शरीर का जन्म है । मीठे और नमकीन, हनी और लाभ दोनों ईश्वर ने मानव के लिए इसलिए बनाए हैं कि वह दोनों के अंतर और महत्व को समझ सके । 

गायत्री परिवार को एक विशाल गुलदस्ते के रूप में बताते हुए श्री झा ने कहा, आज हमारे लिए बड़ी चुनौतियां सामने खड़ी है जिससे बुद्धिमत्ता पूर्ण ढंग से हल करने की भी आवश्यकता है । विशेष परिस्थितियों में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व का दायित्व चुनौतियों से भरा होता है जिसे शालीनता से समझने और सुलझाने की आवश्यकता है । इस पावन अवसर पर भाई सोहनलाल ने गुरुदेव द्वारा लिखित सत साहित्य एवं अखंड ज्योति का वितरण किया । 

भाव भरे वातावरण में सबका भविष्य उज्जवल हो, सबको सद्बुद्धि मिले परम सत्ता से प्रार्थना करते हुए आरती एवं शांति अभिश्चिंचन सहित कार्यक्रम की पूर्णाहुति की गई । 

इस महती कार्यक्रम की सफलता में हरिश्चंद्र सिंह, सिप्टी सिंह, रघुनाथ सिंह, साबू लाल सिंह, उमेश चंद्र सिंह, प्रदीप मंडल, ब्रह्मदेव यादव, दिया रानी, सुनील यादव, मुकेश यादव, बबीता कुमारी, देवेन लाल दास, किरण देवी, सोहन लाल दास, आदि की भूमिका सराहनीय रही।

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