किशनगंज/प्रतिनिधि
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को सदर प्रखंड के मनरेगा भवन में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सदर प्रखंड और राहत संस्था के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीडीओ कर्मवीर कुमार ने की। मौके पर विभिन्न पंचायतों की मुखिया, जीविका दीदियां, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।बीडीओ कर्मवीर कुमार ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे ताकि अपने-अपने पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों की शादी नहीं होनी चाहिए।
राहत संस्था की सचिव डॉ. फरजाना बेगम ने अभियान को सफल बनाने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बाल विवाह में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। डॉ. फरजाना बेगम ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कानून का उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना का प्रावधान है।कार्यशाला में राहत संस्था की कर्मी यासीन परवीन, विपिन बिहारी सहित पंचायत सचिव मनोज कुमार, संजय कुमार, वाणी कुमारी, पूनम देवी, आरती कुमारी आदि मौजूद रहे। यह कार्यशाला बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



























