कॉमेडी सर्कस

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कुमार राहुल

परदेस से लौटे अब 4 महीने गुजर चुके हैं, पिछले 1 महीने से अब मनरेगा में भी काम नहीं मिला। मुंबई से पैदल घर लौटे ,दिनेश ने प्रतिज्ञा की थी ,अगर सरकार साल में 200 दिन का भी काम मनरेगा के तहत देगी, तो अब फिर लौटकर मुंबई नहीं जाऊंगा। सरकारी सारे वादे हवा-हवाई हो गए ।

कोई काम नहीं है यहां। तभी दौड़ता हुआ दिनेश का 14 साल का भतीजा गणेश घर में प्रवेश करता है, और अपने चाचा को उदास देखकर, मां से पूछता, चाचा उदास क्यों है मां, तू नहीं समझेगा । जा चाचा को टीवी पर कोई प्रोग्राम लगा दे, मन बहल जाएगा। गणेश- चाचा दिनेश से पूछता ,चाचा… कपिल शर्मा का शो लगा दे, बड़ा मजा आएगा।

दिनेश- बेटे अब सब रिपीट आ रहा है ,लॉकडाउन में नया एपिसोड थोड़ा ही बन रहा है। गणेश -चाचा,” कपिल शर्मा शो “से भी मजेदार आजकल न्यूज़ चैनल है । दिनेश -उसमे मजेदार क्या होता है। न्यूज वाले तो खबर ही दिखाते हैं। गणेश – नहीं ,चाचा आजकर खबर वाले चैनल में खूब लड़ाई होती है। एक बार तो एक साधु और औरत में खूब मारपीट हुई थी ।बड़ा मजा आया था ।

दिनेश -भाभी ,गणेश सच बोल रहा है। भाभी -हां । हम लोगों ने भी देखा था ।गणेश तो बस डब्ल्यूडब्ल्यूएफ देखता है ,या कभी-कभी न्यूज़ चैनल में वही मारपीट खोजता रहता है ।कई बार तो बेतरतीब बहस देख कर बहुत खुश होता है ।दिनेश – गणेश सभी तरह की खबरो को समझने लगा है । भाभी -भाई ,मैं तो हर वक्त ध्यान नहीं देती ,लेकिन उटपटांग खबरों को देखकर …गणेश को काफी ठहाके लगाते देखा है।

दिनेश सोच में पड़ जाता हैं, क्या आजकल के 14 साल के बच्चे इतने समझदार हो गए हैं ? गणेश बड़ा होकर जरूर बड़ा आदमी बनेगा । मेरी तरह नहीं ,जो B A पास करने के बावजूद मजदूरी करने को मजबूर है ।अब तो लोगों को बताने में भी शर्म आती है ,कि मैं सच में BA पास हूं ।

कभी सोचता हूं ,कहीं मेरी डिग्री फर्जी तो नहीं ,या मुझे स्कूल कॉलेज में ऐसी शिक्षा ही नहीं मिली ,कि कॉमेडी और संजीदगी को सही ढंग से समझ सकू।दिनेश ने सोचा कोरोना काल में जब कपिल शर्मा शो के नए एपिसोड नहीं आ रहे हैं, तो… गणेश …जो टीवी में दिखाना चाहता है, उसी कॉमेडी का मजा लिया जाए ,।


अब सवाल यह है ,कि आज दर्शकों के सामने क्या परोसा जा रहा है, क्या खबरों की कॉमेडी बनाई जा रही है ,कल ही मेरी मुलाकात अब्दुल रशीद और पीटर भाई से हुई जो आपस में शर्त लगा रहे थे ,कि आज रात रिपब्लिक टीवी के अरनव गोस्वामी ,रिया चक्रवर्ती को फांसी की सजा सुना देंगे ।

मैं भौचक्का रह गया, लोग जिन चैनलों पर इतना विश्वास करते हैं। वे चैनल वाले उनकी मासूमियत का फायदा उठा रहे हैं ।जी न्यूज़ मुस्लिम लोगों में हिंदूवादी चैनल के रुप मे जाना जाने लगा है। एनडीटीवी के रवीश कुमार को लोग बीजेपी विरोधी और हिंदू विरोधी मानते हैं ।

आज तक चैनल ने जैसे ही रिया चक्रवर्ती( सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस )की एक्सक्लूसिव खबर चलाई। सोशल मीडिया में यह इल्जाम लगने लगा ,कि चैनल वालों की करोड़ों की डील रिया के साथ हो गई है, एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के नाम पर ।


सुबह उठते साथ अधिकतर चैनल वाले दैनिक भविष्यवाणी दिखाते हैं ।एक ही राशि के लिए अलग-अलग ,तथाकथित भविष्यवक्ता अपनी ..अलग-अलग भविष्यवाणी करते हैं। यदि मीन राशि को इंडिया टीवी वालों ने आज अच्छा दिन बताया है, तो आज तक .. वाले अशुभ दिन बता रहे होते हैं ,तीसरा चैनल उसी मीन राशि वाले का एक्सीडेंट की संभावना बता रहे होते हैं ,अगर मीन राशि वाले ने तीनों भविष्यवाणी सुन ली.. तो अब वो घर से हो नही निकलेगा ।


तलवार दंपती की मीडिया ट्रायल में ही कुछ चैनल टीआरपी में टॉप पर पहुंच गए, आज सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस को छील छीलकर रिपब्लिक टीवी टी आर पी मे TOP मे चला गया। सीबीआई को आरुषि हत्याकांड में भी कुछ पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए ।केवल सरकमस्टेंशियल एविडेंस के आधार पर तलवार दंपति को जेल हुई ,अब वे लोग बेल पर बाहर हैं। सीबीआई का हाई प्रोफाइल मर्डर या सुसाइड मामले की इंक्वायरी में रिकॉर्ड कुछ अच्छा नहीं है ।अब खबरें एबीपी न्यूज़ के श्रीवर्धन त्रिवेदी की तरह सिर्फ सनसनी फैलाते हुए ही दिखते हैं ।

TV9 भारतवर्ष और टीवी न्यूज़ 18 दोनों को लगता है , कि कोई सरकारी ठेका मिला है, जो सिर्फ पाकिस्तान न्यूज़ चैनल की क्लिपिंग दिखाकर दिनभर चीन और पाकिस्तान के खिलाफ न्यूज़ दिखाते रहते है। चीन और पाकिस्तान से संबंधित सनसनीखेज खुलासे की बात कही जाती है, जो आपको बाकी चैनल्स में नहीं मिलेगी।

सभी चैनलों में बड़ी खबरें हैं ,बस आदमी की खबरों को देखते-देखते बौना हो गया है, रीजनल चैनल आर्थिक बोझ से समाप्त हो गए ।अब गरीबों की खबरें आपको नहीं के बराबर दिखेंगी, जैसे कपिल शर्मा शो में चमकते सितारे ही दिखते हैं। गरीबों को उस में जगह नहीं मिलती है।

और देश की 70% गरीब जनता को सीरियलों से अधिक मजा और कॉमेडी.. न्यूज़ चैनल्स में नजर आने लगा है ..और सरकार है कि कॉमेडी सर्कस के किरदारों को अपने हिसाब से इस्तेमाल कर फायदा ले रही है।

इसमें जनता को नुकसान तो हो ही रहा है… लेकिन पता नहीं चल रहा है। ऐसे में गणेश को न्यूज़ में कॉमेडी नजर आना ,..अब्दुल रशीद और पीटर का न्यूज़ में शर्त लगाना, ईसी नुकसान की ओर इंगित कर रहा है। अब सवाल यह है कि कॉमेडी से नुकसान भी होता है क्या?

2 thoughts on “कॉमेडी सर्कस”

  1. Bahut Badiya?Hadsa Banke Bazaar Mein Aa Jayega,Jo Nahi Hoga Wo Akhbar Mein Aa Jayega,Chor Uchakko Ki Karo Kadra,Na Jane ,Kaun,Kab ,Kaun Si Sarkar Mein Aa jayega?
    Rahat Indori?

  2. क्या खूब कलमों की तीर चलाई है लेखक ने। चैनलों की कच्छा पकड़कर बखूबी खिंचा है आपने। कॉमेडी से भी नुकसान होता है? ये लाइन तो निचोड़ है पूरे लेख का।

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