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सिलेट के साथ प्लेट लाने को मजबूर है सरकारी स्कूल के बच्चे

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टेढ़ागाछ/किशनगंज।मनोज कुमार

टेढ़ागाछ प्रखंड के अधीन सभी सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से स्कूली बच्चों को दोपहर का भोजन मिल रहा है।स्कूली बच्चें भी सिलेट के साथ प्लेट लाना नहीं भूल रहें हैं।हालांकि शिक्षा विभाग के द्वारा विद्यालयों को भेंडर के जरिए प्लेट मुहैया करवाया गया है ।लेकिन बच्चों को अपना प्लेट अभी भी लाना पड़ रहा है।शिक्षा विभाग में खाने और खिलाने को लेकर काफी मतभेद रहा है।

महंगाई के दौर में सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन मद में बच्चों को भोजन कराने में खर्च का आंकड़ा काफी कम है।इस खर्च पर गुणवत्तापूर्ण भोजन का कल्पना करना व्यर्थ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए दोपहर का भोजन 5.45 रुपये एवं मध्य विद्यालयों में 8.17रुपये में तैयार कर परोसा जाता है।

अब आप समझ सकते हैं कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को कितना गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल रहा होगा।महंगाई के दौर में प्लेट भर गुणवत्तापूर्ण तैयार भोजन मिलना मुश्किल है।फिर भी सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण भोजन व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।ग्रामीण इलाके के लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने भेजकर निश्चिन्त हैं।वे समझ रहे हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई के साथ आगे बढ़ रहे हैं।स्थानीय लोगों में बीरेंद्र कुमार एवं नागेंद्र मंडल ने बताया सरकार अवाम के साथ छलावा कर रही है।अच्छी पढ़ाई के बदले में लोगो को मुफ्त का दोपहर का भोजन में उलझा रही है।

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सिलेट के साथ प्लेट लाने को मजबूर है सरकारी स्कूल के बच्चे

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