कटिहार / रितेश रंजन
लॉक डाउन के घोषणा के साथ ही कटिहार कमाने आये दिल्ली के कुछ युवक जो स्कूल-स्कूल जाकर आर्ट एवं क्राफ्ट सिखाने के माध्यम से कमाई करते हैं वो कटिहार शहर में ही फंस गए। जिस होटल में वो ठहरे हुए थे। वहां से उनको 24 मार्च को निकाल दिया गया था। इन युवकों के पास कोई ठौर ठिकाना नही था। भूखे प्यासे आशियाने के लिए भटक रहे थे। तभी स्थानीय युवक व हिन्दू जागरण मंच/युवा वाहिनी के जिला प्रमुख विक्की जायसवाल उनसे मिले और उन्होंने स्थानीय खांटू श्याम मंदिर में वहां के ट्रस्टियों से अनुरोध करके उनको वहां ठहराया। 7 की संख्या में फंसे दिल्ली के इन युवाओं को रहने खाने पीने के लिए सिलेंडर, राशन, दूध तमाम चीजों की व्यवस्था की। लगभग डेढ़ महीने बीत जाने के बाद जब ट्रेन शुरू हुई तो उन मजदूरों ने अपने घर वापस जाने की इच्छा जताई। लेकिन टिकट के पैसे नही होने के कारण काफी दुखी थे। खाँटू श्याम मंदिर के सदस्यों के सहयोग से विक्की जायसवाल ने उनके टिकट का प्रबंध किया और उन सभी को बिहारी अस्मिता का प्रतीक गमछा, रास्ते में खाने के लिए लिए सन्देश के रूप में सत्तू, चावल का भुज्जा, फल आदि देकर विदा किया। साथ ही विक्की जायसवाल ने उन दिल्ली वासियों से अपील की जैसा प्यार और सम्मान आपको यहां हम बिहार वासियों से मिला। वैसा ही प्यार और सम्मान आप हमारे बिहारी भाइयों को जो वहां मजदूरी करने जाते हैं उनको भी दें। वो भी आपकी तरह मजबूर हैं। जो काम की तलाश में अपना घर वार छोड़कर दिल्ली जाते हैं। उनके प्रति भी आप दिल्ली वाले सहानुभूति रखें।

























