किशनगंज /सागर चन्द्रा
झाड़फूंक के चक्कर में पड़ जाने से एक सर्पदंश पीड़ित बच्चे की मौत हो गई। तांत्रिक के द्वारा अपने हाथ खड़े करने के बाद परिजनों ने फौरन कोचाधामन थाना क्षेत्र के बोहिता,भाग पुनास निवासी आठ वर्षीय नूर बाबू को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डयूटी पर तैनात चिकित्सक के जांचोपरांत मृत घोषित करते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिजन उस ढ़ोंगी तांत्रिक को कोसने लगे जिसके कारण नूर बाबू अकाल ही काल की गाल में समा गया। वहीं परिजनों ने बताया कि मंगलवार दोपहर नूर बाबू घर के निकट स्थित मक्का खेत में मक्का तोड़ने गया था।
लेकिन इस बीच वह सर्पदंश का शिकार हो गया। पीड़ित के द्वारा शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने विषधर को पकड़ लिया और नूर बाबू को झाड़फूंक के लिए पड़ोस के तांत्रिक के पास ले गये। वहीं तांत्रिक भी विषधर का जहर उतारने का स्वांग रचकर तरह तरह के करतब करने लगा। ढ़ोंगी के द्वारा घंटों ढ़ोंग करने के कारण सर्पविष ने धीरे धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद जब नूर बाबू का पूरा शरीर नीला पड़ने लगा तो तांत्रिक के होश उड़ गए। उसने अपने हाथ खड़े करते हुए परिजनों को अस्पताल ले जाने की सलाह दी और फरार हो गया। घटना से हैरान और परेशान परिजनों ने फौरन नूर बाबू को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डयूटी पर तैनात चिकित्सक ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।

























