राजेश दुबे
रामायण में आप ने देखा होगा की सीता माता अंत में धरती में समाहित हो जाती है ।आइए न्यूज लेमनचूस आप को बताता है कहा सीता माता ने समाधि ली थी ।हालाकि रामायण धारावाहिक में रामानंद सागर ने धारावाहिक को रोचक बनाने के लिए श्री राम के दरबार में धरती में समाहित होते दिखाया था ।

लेकिन जानकारी के मुताबिक हम जिस स्थान को बताने जा रहे है वास्तव में सीता माता उस स्थान पर धरती में समाहित हुई थी , वर्तमान में यहां पर सीता माता की मूर्ति स्थापित है और पूजा की जाती है ।

यह स्थान उत्तर प्रदेश के प्रयाग और वाराणसी के बीच 11 किलोमीटर के अंदर जंगी बाज़ार में स्थित है ।यह संत रविदास नगर जिला में स्थित है और इस स्थान को सीतामढ़ी के नाम से जाना जाता है ।यही नहीं यहां पर 110 फिट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है जो विश्व की सबसे ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा है । यहां का दृश्य अत्यधिक मनोरम है और यह स्थान गंगा नदी के किनारे है ।

























