राजेश दुबे
बिहार के सीमावर्ती किशनगंज जिले का इतिहास बहुत प्राचीन है । मालूम हो कि महाभारत कालीन इतिहास से जिले की पहचान तो है ही ।लेकिन क्या आप जानते है कि इस मुस्लिम बहुल जिले में लंकाधिपति रावण की भी पूजा की जाती है । तो चलिए हम बताते है ।

किशनगंज जिले में कहा है राक्षस राज रावण का मंदिर । यह मंदिर किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड स्थित रहमत पाडा के काशी बाड़ी गांव में स्थित है जहां विधि विधान के साथ रावण की पूजा की जाती है ।

मालूम हो कि यहां रावण का मंदिर बना हुआ है और पत्थर की मूर्ति स्थापित की गई है और ग्रामीणों द्वारा पूरे विधि विधान से जहा अन्य देवी देवताओं की पूजा की जाती है वहीं लंकेश्वर की भी पूजा और आरती होती है । मालूम हो कि स्थापित मूर्ति में रावण के दस सिर दिखाए गए है और हाथ में शिवलिंग भी है ।
मालूम हो कि भले ही रावण का जन्म राक्षस कुल में हुआ था लेकिन वो प्रकांड विद्वान और शिव भक्त थे ।ग्रामीणों ने यहां मूर्ति स्थापित कर पूजा करने का उद्देश्य तो नहीं बताया ,लेकिन ऐसी धारणा है कि तंत्र मंत्र सिद्धि हेतु रावण को प्रसन्न करने के लिए यहां पूजा की जाती है ।