भीषण गर्मी में जर्जर शेड बना मुसीबत: फुलवरिया बाजार के फुटकर विक्रेताओं की छिनी जगह, खुले आसमान के नीचे व्यापार करने को मजबूर

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किशनगंज /विजय कुमार साह

टेढ़ागाछ इन दिनों टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और चिलचिलाती धूप का प्रकोप जारी है। इस भीषण उमस और तपिश के बीच भी आम लोगों तक जरूरत का सामान पहुंचाने वाले फुटकर विक्रेता भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। दूर-दराज के गांवों से आकर फुलवरिया बाजार में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारी इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं l

एक तरफ प्रकृति का कहर और दूसरी तरफ प्रशासन की कथित कुव्यवस्था l स्थानीय दुकानदारों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पूर्व में फुलवरिया बाजार में एक ‘ओपन मार्केट’ (खुला बाजार) हुआ करता था। वहां फुटकर विक्रेताओं के लिए पर्याप्त जगह थी, जहां वे धूप और बारिश से बचकर अपना व्यवसाय आसानी से चला लेते थे।

दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उस पुराने ओपन मार्केट को तोड़कर वहां एक बड़े शेड का निर्माण करा दिया गया। जो अब काफी जर्जर अवस्था में है l यह शेड अब फुटकर विक्रेताओं के किसी काम का नहीं रहा, बल्कि यह एक बंद ‘गोदाम’ के रूप में तब्दील हो चुका है। इसके कारण छोटे दुकानदारों की जगह छिन गई है और वे मुख्य बाजार से बाहर होने को मजबूर हो गए हैं।

जगह छिन जाने के कारण अब इन छोटे व्यापारियों को भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच सड़क किनारे या खुले मैदान में बैठकर सामान बेचना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि पहले जब ओपन मार्केट था, तब छोटे-छोटे व्यवसायी कई तरह की वस्तुएं बेचकर अपना घर चलाते थे। तब मौसम की मार से बचने की सुविधा थी, लेकिन अब दोपहर की चिलचिलाती धूप और उमस में कई घंटे बैठना जानलेवा साबित हो रहा है।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों के मुताबिक, इस नए शेड (गोदाम नुमा निर्माण) से बाजार को फायदे के बजाय सिर्फ नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्राहकों को भी धूप में खरीदारी करने में परेशानी हो रही है, जिससे बाजार की रौनक गायब हो रही है। फुटकर विक्रेता गुना देवी, आरती देवी, चलाकी देवी, गंगा प्रसाद, शिबू दास, भोला सिंह, सहित कई दुकानदारों ने मांग की है कि इस जर्जर मार्केट शेड को तोड़कर ओपन मार्केट बने ताकि गरीब फुटकर विक्रेताओं को सुरक्षित और छायादार स्थान मिल सके।

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