बारसोई /कटिहार – बारसोई प्रखंड अंतर्गत एसएच 98 आबादपुर-बारसोई मुख्य सड़क पर सकपान ग्राम के निकट सोमवार की सुबह एक तेज रफ़्तार अनियंत्रित ओवरलोड ट्रक जिसमें ईटा लदा हुआ था। अचनाक से पुल की रेलिंग से टकराकर पुल के निचे आ गिरा। हादसा ईतना जबरदस्त था कि इस दौरान ट्रक के परखच्चे उड़ गए। ट्रक ड्राइवर एवं खलासी दोनों ही ट्रक के अंदर फंस गए। गंभीर रूप से घायल हो गए।
ट्रक से दबकर मदद को पुकारने लगे। हादसे की जानकारी मिलते ही कुछ ही देर में ग्रामीणों की बड़ी भीड़ घटना स्थल पर उमड़ पड़ी। मौके पर ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए जेसीपी बुलाया। ग्रामीणों ने जेसीपी की मदद से ट्रक का दरवाजा तोड़ कर किसी तरह से ट्रक ड्राइवर एवं खलासी दोनों को ट्रक से बाहर निकाला। इस दौरान ट्रक ड्राइवर जो कि गंभीर रूप से घायल हो गया था उसके शरीर से खून की धाराएं बह रही थीं। उसके शरीर में ऊपर से निचे तक कई अंगों की पसलियां टूट चुकी थीं ।
मौके पर ग्रामीणों ने आबादपुर पुलिस को इसकी सुचना दीं। सुचना मिलते ही आबादपुर पुलिस तत्क्षण घटना स्थल पर पहुंची l ट्रक ड्राइवर एवं खलासी दोनों को घटना स्थल से उठाकर उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में भर्ती कराया। अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में घायल ट्रक ड्राइवर का प्राथमिक ईलाज कर चिकित्सकों ने उसे उच्च ईलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया। इस संबंध में डॉक्टर चिकित्सक करमचंद उड़ाँव ने बताया कि ट्रक ड्राइवर की स्थिति अत्यंत ही नाजुक है। प्राथमिक उपचार कर दी गई है।
ड्राइवर की दाएं पैर टूट चुके हैं तथा शरीर एवं माथे में गंभीर चोट लगी है। स्थिति को देखते हुए घायलों को पूर्णिया रेफर कर दिया गया है।वही घटना में घायल ट्रक ड्राइवर की पहचान मुशर्रफ तथा खलासी की पहचान हुमायूं के रूप में हुई हैं। दोनों पश्चिम बंगाल के हरिश्चन्द्रपुर थाना क्षेत्र स्थित मिलनगर निवासी बताये जा रहे हैं। वे लोग ट्रक में पश्चिम बंगाल निर्मित रेजा ब्रांड की इट्ट को भड़कर आबादपुर की ओर ले जा रहे थे। वहीं इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पश्चिम बंगाल क्षेत्र से अक्सर ओवरलोड ट्रकें जिनमें रेजा, हीरो एवं शक्ति ब्रांड की बंगाल निर्मित इट्ट भड़ी होती हैं वें सारी ओवरलोड ट्रकें बेरोकटोक चलती रहती है। इससे बड़े पैमाने पर राजस्व का तो नुकसान होता ही है साथ ही साथ सड़क हादसा तथा राहगीरों के जान जोखिम का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने अनुमंडल प्रशासन से अविलम्ब उक्त अवैध परिचालन पर रोक लगाने की मांग की है।




















