एसएसबी ने सीमावर्ती गांवों में लगाया नि:शुल्क मानव एवं पशु चिकित्सा शिविर, 320 से अधिक लाभार्थियों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं

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ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह

19वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), ठाकुरगंज द्वारा शुक्रवार को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती ग्रामीणों के स्वास्थ्य एवं जनकल्याण के उद्देश्य से नि:शुल्क मानव चिकित्सा, पशु चिकित्सा शिविर तथा जनता समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। कमांडेंट राज कुमार खलखो के मार्गदर्शन में “बी” समवाय, सुखानी के अंतर्गत वाइब्रेंट विलेज सुखानी एवं भेंडरानी में आयोजित इस कार्यक्रम का बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभ उठाया।


शिविर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार झा तथा पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोबिन तिवारी के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने सीमावर्ती गांवों के लोगों और उनके पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। कादो गांव, ततपौआ, गिलाबाड़ी समेत आसपास के कई गांवों से पहुंचे ग्रामीणों को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान 153 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क औषधियां वितरित की गईं।


पशु चिकित्सा शिविर में 167 पालतू पशुओं का उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिससे 29 पशुपालक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। पशुपालकों को पशुओं के संतुलित पोषण, स्वच्छता, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा मौसमी एवं संक्रामक रोगों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी भी दी गई।


शिविर के उपरांत कमांडेंट राज कुमार खलखो ने ग्रामीणों के साथ जनता समन्वय बैठक कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


बैठक के दौरान कमांडेंट ने जानकारी दी कि 28 जुलाई 2026 को 19वीं वाहिनी एसएसबी परिसर, ठाकुरगंज में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आंखों की जांच, परामर्श एवं आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की।


ग्रामीणों ने बैठक में वर्षा के दौरान सड़कों के किनारे जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से जलजमाव की समस्या तथा वाइब्रेंट विलेज सुखानी में आंगनबाड़ी केंद्र की आवश्यकता का मुद्दा उठाया। इस पर कमांडेंट ने संबंधित विभागों के समक्ष इन समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाकर समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया।


कमांडेंट ने यह भी कहा कि सीमावर्ती गांवों के किसानों और पशुपालकों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से एसएसबी द्वारा दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री जैसे दूध, दही, पनीर, सब्जियां, अंडा, मांस एवं मछली आदि की खरीद स्थानीय ग्रामीणों से किए जाने को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।


कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने एसएसबी की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। एसएसबी ने दोहराया कि वह सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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