राहत के इंतजार में हजारों ग्रामीण
प्रशासन की अनदेखी पर फूटा गुस्सा,निजी नाव के सहारे चल रहा जीवन
पर्रामपुर, डेगरापारा और कुचियामोर के विद्यालय भी बाढ़ से प्रभावित
बारसोई /कटिहार – बारसोई प्रखंड के शिकारपुर एवं बिधौर पंचायत के पर्रामपुर, डेगरापारा और कुचियामोर गांवों में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। गांवों में चारों ओर पानी फैल जाने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क संपर्क टूटने के कारण लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए निजी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन पर राहत कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराज़गी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ आने के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से राहत सामग्री,सरकारी नाव या अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को निजी नाव किराये पर लेकर आना-जाना पड़ रहा है। बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पर्रामपुर, डेगरापारा और कुचियामोर के विद्यालय बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। स्कूल परिसर में पानी भर जाने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री का वितरण, सरकारी नाव की व्यवस्था, मेडिकल टीम की तैनाती तथा बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस संबंध में अंचल पदाधिकारी श्याम सुंदर साहा ने कहा कि हल्का कर्मचारी को निर्देश दिए गए हैं कि अपने क्षेत्र में बने रहे । तथा क्षेत्र का भ्रमणकर प्रतिदिन आकलन प्रतिवेदन देने का निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त मात्रा में नाव उपलब्ध है।





















