भूकंप से कांपी धरती, भूटान में था केंद्र, ठाकुरगंज समेत सीमांचल के कई इलाकों में महसूस हुए झटके

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ठाकुरगंज/कुलभूषण सिंह

रविवार देर रात 11:06 बजे आए भूकंप के झटकों से ठाकुरगंज समेत पूरे सीमांचल क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक धरती में कंपन महसूस होते ही लोग घबराकर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। रात के सन्नाटे में आए झटकों ने लोगों को कुछ देर के लिए दहशत में डाल दिया।

भूकंप के झटके ठाकुरगंज के साथ – साथ सीमांचल , सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग तथा आसपास के कई क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि झटकों के दौरान घरों में लगे पंखे, खिड़कियां, दरवाजे और बर्तन हिलने लगे। कई लोग नींद से जागकर तुरंत खुले स्थानों की ओर निकल पड़े।

जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र भूटान में था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.6 दर्ज की गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली थी।

विशेषज्ञों के अनुसार ठाकुरगंज और आसपास का इलाका हिमालयी क्षेत्र के निकट होने के कारण भूकंप की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है। यह क्षेत्र उच्च भूकंपीय जोखिम वाले इलाके में आता है। वर्ष 2015 में आए विनाशकारी भूकंप की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। यही कारण है कि मामूली झटके भी लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल पैदा कर देते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप आने पर, घबराएं नहीं और संयम बनाए रखें, घर के अंदर हों तो मजबूत टेबल, डेस्क या फर्नीचर के नीचे शरण लें, खिड़कियों, शीशों, अलमारियों और भारी वस्तुओं से दूर रहें, खुले स्थान पर हों तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, वाहन चला रहे हों तो सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं और झटके थमने तक वाहन में ही रहें, झटके रुकने के बाद गैस, बिजली और अन्य उपकरणों की जांच करें।

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