KishanganjNews:मेनका की मौत मामले का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन,मौसेरे भाईयों के साथ गई थी नदी किनारे,स्नान करने के दौरान डूबने से हुई थी मौत

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सागर चंद्रा/किशनगंज

पुलिस ने डुमरिया भट्टा निवासी 13 वर्षीय मेनका कुमारी की मौत मामले का सफल उद्भेदन किया है। वैज्ञानिक अनुसंधान और पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि घटना के दिन मेनका अपने दो मौसेरे भाईयों के साथ शिवगंगा घाट पर नदी किनारे गई थी। जहां स्नान करने के दौरान गहरे पानी में समा जाने से उसकी मौत हो गई थी।


शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी संतोष कुमार ने मामले के रहस्यों से पर्दा उठाते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्वयं गत 4 जून को घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अधिनस्थ पुलिस पदाधिकारियों को मामले का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया था।


एसपी के निर्देश के बाद गत शुक्रवार को गोताखोर की मदद से नदी में सघन तलाशी ली गई और नदी की गहराई की भी जांच की गई। जांच में पाया गया कि नदी से मिट्टी निकालकर बाँध बनाया जा रहा है, जिससे नदी में कहीं 3-4 फीट तो कही 10 फीट से लेकर 30 फीट) तक की गहराई पायी गयी।


साथ ही डॉग स्कॉड टीम ने भी घटनास्थल की जांच की। डॉग को मृतिका के कपड़ा एवं बाल का अवशेष को सूंघाया गया। इसके बावजूद भी कुछ खास सफलता हासिल नहीं हो सका।


इसी दौरान अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की। जांच में पाया गया कि घटना के दिन मृतका मेनका अपने दो मौसेरे भाई आयुष 10 वर्ष और प्रिंस 15 वर्ष के साथ शिवगंगा घाट के समीप नदी किनारे गई थी। लेकिन वह भाईयों के साथ वापस नहीं लौटी।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस ने परिजनों के सामने दोनों मौसेरे भाईयों से पूछताछ की। मौसेरे भाईयों ने बताया कि स्नान के क्रम में दोनों भाई नदी के किनारे में ही स्नान कर रहे थे जबकि मृतिका मेनका नदी के किनारे बने बांध पर चढ़कर नदी मे छलांग लगा रही थी। दो-तीन बार वह नदी से बाहर भी निकल गई।

मेनका ने भाईयों से कहा था कि तुम लोग भी मेरे साथ नदी मे छलांग लगाओ। लेकिन दोनों भाई नदी किनारे ही खड़े रहे। इसके बाद मेनका ने फिर से छलांग लगाई, लेकिन इस बार वह गहरे पानी में चली गई। जब वह डूबने लगी तो उसने बचाने का इशारा भी किया। दोनों भाई बांध पर चढ़कर शोर मचाने लगे। ताकि उनकी पुकार को सुनकर कोई मेनका को बचा ले। लेकिन बच्चों की पुकार किसी ने नहीं सुनी। नतीजतन मेनका पानी में डूब गई।

लेकिन परिजनों के भय से हमने मेनका के डूबने की बात छिपा लिया था। हमने परिजनों को बताया कि मेनका शौच करने वापस घर चली गयी थी। इस खुलासे के बाद दोनों भाईयों ने घटनास्थल पर जाकर मृतिका के डूबने की घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। घटना के साक्षी दोनों भाईयों ने स्वेच्छा से न्यायालय के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया।


बताते चलें कि गत 28 मई को मेनका के अचानक लापता हो जाने के बाद डुमरिया भट्टा निवासी उसके मौसा लक्ष्मण कुमार साह के लिखित शिकायत पर टाउन थाना में केस दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। परिजनों का कहना था कि मेनका घर से घूमने निकलने के बाद अचानक लापता हो गई थी।

इसी बीच गत 1 जून को मेनका का शव उसके मामा के घर से 500 मीटर दूर शिवगंगा घाट के समीप नदी से बरामद किया गया। एफएसएल की टीम के द्वारा जांच किए जाने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। लेकिन मृतका के परिजनों ने मेनका की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए हत्यारे को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग करने लगे।

देर रात्रि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। 2 जून को मृतिका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं पाया गया। मृतका की श्वासनली, फेफड़ा और पेट में रेत और मिट्टी के कण पाये गये थे और मृत्यु का कारण पानी में डूबने से बताया गया था। 3 जून को घटनास्थल के पास नदी किनारे से कुछ बाल बरामद किए गए थे। जिसकी जांच एफएसएल टीम के द्वारा कराई गयी थी।


एसपी ने बताया कि पुलिस के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने एवं अनुसंधान में बरती गयी लापरवाही की जांच एसडीपीओ से करायी जा रही है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के दौरान विधि-व्यवस्था, सरकारी कार्य एवं अनुसंधान में बाधा उत्पन्न करने वाले के विरूद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।

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