सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने जीविका समूहों को सात करोड़ रुपये का ऋण किया प्रदान

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संवाददाता/किशनगंज

किशनगंज में जीविका दीदियों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा 7 करोड़ रुपए का ऋण प्रदान किया गया।आयोजित कार्यक्रम में अलग अलग जीविका समूह से जुड़ी दीदियों को चेक प्रदान किया गया ।डीपीएम जीविका अनुराधा चंद्रा ने कहा कि पूँजी की उपलब्धता से जीविका दीदियों को स्वरोजगार शुरू करने में आसानी हो रही है। उन्हें पैसे के लिए अधिक ब्याज दर पर महाजनों का चक्कर नहीं काटना पड़ता है।

ग्रामीण महिलाओं में रोजगार – स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए, जीविका के जरिए उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से कम ब्याज दर पर सुलभ ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिससे जीविका दीदियाँ स्वरोजगार का साधन विकसित कर, आर्थिक रूप से स्वावलंबित हो सकें। उन्होंने बताया कि मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम के जरिए स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस मौके पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के रिजनल मैनेजर नीरज ज्योतिर्मय ने कहा कि जीविका और बैंक के बीच निरंतर संवाद बना रहना चाहिए।

सुगम बैंक ऋण की उपलब्धता से जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियों को स्वरोजगार करने में आसानी होगी। इसी दिशा में बहादुरगंज में मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस अवसर पर तीन सौ से अधिक जीविका स्वयं सहायता समूह को 7 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बहादुरगंज प्रखंड स्थित महादेव दिघी, नटवा पाड़ा, कटहल बाड़ी दिघलबैंक ब्रांच, ठाकुरगंज प्रखंड के डुमरिया, पोठिया प्रखंड के चनामना ब्रांच द्वारा यह ऋण की राशि उपलब्ध करवाई गई है।

इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के डीआरएम अभिजीत सिन्हा, अधिकारी प्रज्ज्वल कुमार, बीपीएम जीविका बहादुरगंज वरुण कुमार जयसवाल, ठाकुरगंज बीपीएम अमरेश अंशुमान, प्रभारी प्रबंधक वित्तीय समावेशन मुकुल कुमार, जीविका कर्मी अंसार अहमद, रविंदर, राजेश विभिन्न ब्रांच की बैंक मित्रा, जीविका दीदियाँ और कैडर उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह का बैंक लिंकेज के लिए सराहनीय कार्य के लिए जीविका कैडर केम्पी सिन्हा, नंदिता, लक्ष्मी, नसीहत, तरन्नुम को सम्मानित किया गया।

जीविका के माध्यम से परियोजना राशि के रूप में परिक्रमी निधि, सामुदायिक निवेश निधि के साथ – साथ बैंक लिंकेज के माध्यम से स्वयं सहायता समूह को ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। आवश्यकता अनुसार जीविका दीदियाँ, स्वरोजगार शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने के लिए इसका उपयोग करती हैं। किशनगंज जिला में लगभग चौबीस हजार स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं तीन लाख से अधिक जीविका दीदियों को सुलभ ऋण से लाभ मिल रहा है। वे अपना मनचाहा स्वरोजगार कर पा रही हैं।

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