5 कमरों का अस्पताल सील, अवैध गर्भपात का खुलासा; गंभीर हालत की महिला का रेस्क्यू, संचालक पर प्राथमिकी
बहादुरगंज/किशनगंज/निशांत
बहादुरगंज के मेन रोड स्थित टीवीएस शोरूम के समीप संचालित एम.एस. क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध चिकित्सा कारोबार का भंडाफोड़ किया। जांच में क्लिनिक बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री एवं आवश्यक सरकारी अनुमति के संचालित पाया गया। टीम ने पांच कमरों वाले पूरे क्लिनिक, जिसमें एक ऑपरेशन थिएटर भी शामिल है, को सील कर दिया तथा संचालक मसूद आलम के खिलाफ बहादुरगंज थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, किशनगंज के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने 22 जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे एम.एस. क्लिनिक में छापेमारी की। जांच दल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रिजवाना तबस्सुम, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मो. मुनीर आलम, राजस्व अधिकारी मो. शमीम अख्तर (दंडाधिकारी), औषधि निरीक्षक राजीव कुमार रंजन, बहादुरगंज थानाध्यक्ष सुनील सिंह तथा फार्मासिस्ट संतोष कुमार झा शामिल थे।
छापेमारी के दौरान जांच टीम ने पाया कि क्लिनिक का संचालक मसूद आलम स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था, जबकि उसके पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री या चिकित्सकीय योग्यता का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। जांच के दौरान क्लिनिक में अवैध रूप से गर्भपात (एमटीपी) किए जाने के भी संकेत मिले।
कार्रवाई के दौरान ग्राम डुबा बस्ती, पोआखाली (ठाकुरगंज) निवासी 24 वर्षीय आरसी बेगम भर्ती मिलीं। चिकित्सकीय परीक्षण में महिला को आठ सप्ताह का मिस्ड एबॉर्शन पाया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए जांच टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरगंज भेजा, जहां उनका उपचार कराया गया।
जांच के दौरान क्लिनिक परिसर में संचालित दवा दुकान की भी जांच की गई। औषधि निरीक्षक को वहां दवाओं के भंडारण एवं बिक्री से संबंधित कोई वैध लाइसेंस अथवा आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद प्रत्यक्षदर्शियों की मौजूदगी में क्लिनिक के सभी पांच कमरे तथा ऑपरेशन थिएटर को सीलबंद कर दिया गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रिजवाना तबस्सुम के लिखित आवेदन पर बहादुरगंज थाना में कांड संख्या 450/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं औषधि निरीक्षक ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत भी अलग से कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना अनुमति संचालित क्लिनिक, फर्जी डॉक्टरों और अवैध चिकित्सा गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




















