आलू-प्याज की दुकान पर खूनी संघर्ष,लाठी-डंडों और रॉड से हमला दो गंभीर रूप से घायल

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कटिहार – जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के कोलासी बाजार में बुधवार सुबह करीब 09:30 बजे आपसी विवाद में एक आलू-प्याज की दुकान पर आधा दर्जन से अधिक लोग और कई अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में दुकानदार धर्मेंद्र वर्मा और उनके भतीजे आदित्य कुमार वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

दोनों का इलाज वर्तमान में सदर अस्पताल कटिहार में चल रहा है। घटना के दौरान सोने की चैन छीनने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित धर्मेंद्र वर्मा (48) निवासी ग्राम शिवाडीह ने घटना के संबंध में कोढ़ा थानाध्यक्ष को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि बुधवार के सुबह अपने भतीजे आदित्य (26) के साथ कोलासी बाजार स्थित अपनी आलू-प्याज की आढ़त की दुकान पर बैठे थे।

इसी दौरान वे दुकान पर आए ग्राहकों से बातचीत कर रहे थे। तभी अचानक पारंपरिक और धारदार हथियारों से लैस होकर आए असामाजिक तत्वों ने उन पर धावा बोल दिया। पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में कुल 6 नामजद और 4-5 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।

इस दौरान आरोपी पिंटू सिंह और मंटू सिंह ने धर्मेंद्र वर्मा के सिर पर लोहे की रॉड से जान से मारने की नीयत से वार किया, जिससे उनका सिर फट गया और अत्यधिक खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए उनके भतीजे आदित्य को भी मुन्ना सिंह और उसके लड़के ने लाठियों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे आदित्य का भी सिर फट गया।


सोने की चैन छीनने और पहले भी धमकी मिलने का आरोप
धर्मेंद्र वर्मा ने आवेदन में बताया कि मारपीट के दौरान मुन्ना सिंह के लड़के ने उनके भतीजे आदित्य के गले से जबरन 52 ग्राम की सोने की चैन छीन ली। अत्यधिक चोट लगने के कारण धर्मेंद्र मौके पर ही बेहोश हो गए थे, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी संख्या 1, 4 और 5 वर्तमान में कोलकाता में काम करते हैं और इस वारदात को अंजाम देने के लिए ही वहां से आए थे। इससे दो महीने पहले भी आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसके संबंध में पीड़ित के भाई शत्रुघ्न वर्मा द्वारा पूर्व में एक सनहा आवेदन दिया जा चुका था।

लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है क्यों आवेदन को देने के बाद भी पुलिस ने इस मामले को लेकर संज्ञान नहीं लिया, अगर संज्ञान लिया होता तो आज की यह घटना नहीं होती। इसके अलावा 24 मई को भी ऑनलाइन और हार्ड कॉपी के माध्यम से पुलिस शिविर कोलासी एवं थाना कोढ़ा को प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दिया गया था। पीड़ित के बड़े भाई ने बताया है कि उन्होंने मुख्य आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया लेकिन पुलिस ने दबाव में आकर उन आरोपी को छोड़ दिया।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित धर्मेंद्र वर्मा ने थाना प्रभारी से सभी नामजद अभियुक्तों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की छानबीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।

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