टेढ़ागाछ/विजय कुमार साह
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन माफीटोला के जवानों द्वारा शनिवार को सीमा क्षेत्र में संयुक्त गश्ती अभियान चलाया गया। इस दौरान एसएसबी पार्टी कमांडर एएसआई/जीडी बीरेन डेका एवं नेपाल एपीएफ पार्टी कमांडर एसआई रमेश थापा के नेतृत्व में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
संयुक्त गश्ती के दौरान सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने सीमा के समीप स्थित नो-मेंस-लैंड क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को रोकने हेतु सतर्क निगरानी बनाए रखने पर सहमति जताई। इसके साथ ही सीमा पार होने वाली तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए दोनों सुरक्षा बलों द्वारा सूचनाओं के नियमित आदान- प्रदान एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सीमा क्षेत्र में निवास करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को लेकर भी रणनीति साझा की गई। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
इसके अतिरिक्त भारत-नेपाल सीमा स्तंभों की सुरक्षा, देखरेख एवं संरक्षण को लेकर भी गंभीरतापूर्वक चर्चा की गई। अधिकारियों ने सीमा स्तंभों को दोनों देशों की संप्रभुता एवं सीमाई पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक बताते हुए इनके संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही।
संयुक्त गश्ती के दौरान तीसरे देशों के नागरिकों के अवैध आवागमन को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं दोनों देशों की संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। दोनों सुरक्षा बलों ने भविष्य में भी आपसी समन्वय एवं संयुक्त अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।






















