2 लाख फिरौती मांगकर बांस झाड़ी में फेंका शव
अररिया/अरुण कुमार
अररिया जिले में 10वीं के छात्र विशाल कुमार की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 18 मई से लापता छात्र का शव बुधवार सुबह मजलिशपुर पंचायत के कुजरी बेलबाड़ी गांव स्थित बांस की झाड़ी से बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने मृतक के दो दोस्तों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में मोबाइल गेम में पैसों के लेनदेन का विवाद हत्या की वजह बताया जा रहा है।
मृतक विशाल कुमार उच्च माध्यमिक विद्यालय करोड़ दिघली में 10वीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता श्रीलाल महतो और बड़ा भाई मुंबई में मजदूरी करते हैं। घटना के बाद मां ममता देवी और बहन पूजा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
दो लाख की फिरौती मांगने से दहशत
मृतक की मां ममता देवी ने पलासी थाना में दिए आवेदन में बताया कि 18 मई को स्कूल से घर लौटने के बाद विशाल अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच परिवार के पास फोन आया और दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
परिवार ने बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से बरामदगी की गुहार लगाई थी। हालांकि दो दिनों बाद छात्र का शव मिलने से मामला हत्या में बदल गया और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
मोबाइल गेम में पैसों के विवाद ने ली जान
अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतक के दो दोस्तों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि विशाल और उसके दोस्त ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलते थे, जिसमें डॉलर के रूप में पैसे लगाए जाते थे।
इसी लेनदेन और विवाद को लेकर विशाल की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया दाबिया भी बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और घटना की साजिश की गहराई से जांच कर रही है।
एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही पलासी थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
एसपी की अभिभावकों से अपील
एसपी जितेंद्र कुमार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल देने के बाद उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन गेम और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती निर्भरता कई बार गंभीर अपराध और हादसों की वजह बन रही है।



























