टेढ़ागाछ (किशनगंज) विजय कुमार साह
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन के “ई” समवाय माफी टोला द्वारा रविवार को एक महत्वपूर्ण ग्रामीण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह ने की, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्रामीणों ने बैठक के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एसएसबी का आभार जताया।
बैठक के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही समाज में बढ़ती नशाखोरी की समस्या पर विशेष चर्चा करते हुए लोगों को स्वयं एवं अपने बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित किया गया। सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी कमजोर करता है। उन्होंने नशे से होने वाली गंभीर बीमारियों और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी भी विस्तार से दी।
इसके अलावा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर दिया गया। मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया और बताया गया कि इसमें समाज की सतर्कता बेहद जरूरी है। सीमा क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों, घुसपैठ और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एसएसबी ने ग्रामीणों से सक्रिय सहयोग की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।
सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह ने स्पष्ट किया कि देशद्रोही, उपद्रवी एवं अमानवीय विचारधारा रखने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूचना देना हर नागरिक का कर्तव्य है। इससे न केवल क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि समाज में शांति और सद्भाव भी कायम रहेगा। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने एसएसबी के इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। इस अवसर पर कई छायाचित्र भी लिए गए, जो कार्यक्रम की सफलता को दर्शाते हैं।


























