किशनगंज /विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में 20 मार्च 2026 की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार वर्षा ने किसानों की मेहनत पर गहरा असर डाला है। अचानक बदले मौसम ने रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया, जिससे कई किसानों की तैयार फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में बड़े पैमाने पर फसल क्षति दर्ज की गई है।
प्रखंड कृषि विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार कुल 1993 हेक्टेयर रकबे में लगी फसलें प्रभावित हुई हैं। इस नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से गेहूं, मक्का और अन्य मौसमी फसलें तेज हवा और बारिश के कारण गिरकर नष्ट हो गईं, जिससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो० आदिल अनवर के नेतृत्व में विभागीय टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। किसानों ने बताया कि फसलें पूरी तरह तैयार थीं, लेकिन आंधी और बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत को पल भर में बर्बाद कर दिया।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषि पदाधिकारी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि फसल क्षति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखें।
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, वे आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करें और समय-समय पर प्रखंड कार्यालय से संपर्क में रहें। विभाग द्वारा भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि किसानों को नुकसान कम से कम हो।


























