रिमझिम बारिश के बाबजूद लोगों में दिखा पर्व को लेकर खासा उत्साह
डंडखोरा/कटिहार –प्रखंड क्षेत्र मे ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार को आपसी भाइचारा और पूरे उत्साह के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। सुबह से ही आसमान में छाई काली घटा और रिमझिम बारिश के कारण मौसम अनुकूल नहीं होने के बाबजूद , खुदा की इबादत में जुटे लोगों का उत्साह को कम नहीं हुआ। सुबह से हीं लोग नहा-धोकर और नये कपड़े पहनकर ईदगाह या मस्जिद पहुंचे और पूरी शिद्दत और समर्पण के साथ ईद की विशेष नमाज अदा की।
रंग-बिरंगी टोपी एवं कपड़ों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्गों के झुंड को उत्साह के साथ ईदगाह की ओर जाते देखना सुखद अनुभव रहा । बारिश शुरू होने बाबजूद नमाजी डिगे नहीं। सजदे में झुके सिरों ने एक स्वर में अपनी,अपने समाज और मुल्क की खुशहाली, आपसी भाईचारे और अमन-चैन की दुआ मांगी।
इमाम और मौलवियों ने खुतबे के दौरान त्योहार की अहमियत बताया और कहा कि ईद केवल पकवानों और नये कपड़ों का त्योहार नहीं, बल्कि यह धैर्य, त्याग और मानवता की सेवा का भी संदेश देता है।नमाज मुकम्मल होते ही फिजाओं में ‘ईद मुबारक’ की गूंज सुनाई देने लगी। लोगों ने एक-दूसरे को आपसी गिला शिकवा भूलाकर गले लगाया और ईद की मुबारकबाद दी।
खासकर बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह देखा गया।बारिश में भीगते हुए भी अपनी ईदी और खिलौनों का आनंद लेना नहीं भूले। प्रखंड क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल तब देखने को मिली जब अन्य समुदायों के लोगों ने भी अपने मुस्लिम भाइयों को गले मिलकर त्योहार की बधाई दी।
इस दौरान लोगों पारंपरिक मिठाई सेवई का आनंद लिया।सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रखंड क्षेत्र के चौक-चौराहों सहित ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास प्रशासन मुस्तैद रहा। संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर दंडाधिकारीऔर पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। ईदगाहों में मेला तो नहीं दिखी लेकिन ईद को लेकर दुकानों में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक चहल-पहल रही।दिन भर मेहमानों का आना और जाना लगा रहा।



























