किशनगंज : उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. मंसूर आलम को दी गई भावभीनी विदाई

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किशनगंज /संवादाता

मारवाड़ी कॉलेज के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. मंसूर आलम की सेवानिवृत्ति पर कॉलेज परिवार की ओर से मंगलवार को उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। हर दिल अजीज मंसूर साहब की विदाई पर किसी की आँखें सजल हुईं तो कइयों की रुलाई फूटी। अपने उद्गार व्यक्त करते हुए डॉ. आलम भी भावुक हुए और मारवाड़ी कॉलेज के छात्र रहने के बाद 38 वर्षों तक शिक्षक रूप में अपने कार्यकाल को शिद्दत से याद किया।


विदाई समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य प्रो. यू.सी.यादव ने कहा कि 38 वर्षों की सेवा के दौरान डॉ. मंसूर आलम कॉलेज के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के साथ-साथ कॉलेज के विकास और उत्थान के लिए समर्पित रहे।


हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सजल प्रसाद ने कहा कि अपनी अस्वस्थता के कारण डॉ. मसूर आलम ने प्रिंसिपल की कुर्सी सिर्फ इसलिए स्वीकार नहीं की कि वे अपने पद पर रहते हुए पूरा न्याय नहीं कर सकेंगे। वरना वे प्रिंसिपल पद से रिटायर होते।


मंच संचालन करते हुए अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष ने विस्तार डॉ. मंसूर आलम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि सबसे बड़ी विशेषता यही रही कि वे एक चपरासी से लेकर प्रिंसिपल तक का ख्याल रखते थे और सबके दुख-सुख के समय मौजूद रहते थे।
सभी वक्ताओं ने उन्हें योग्य शिक्षक, उर्दू का विद्वान, विद्यार्थियों के हित के पैरोकार, सबके हितैषी, समर्पित समाजसेवी, प्रखर मंच संचालक, कुशल वक्ता, ईमानदार राजनीतिज्ञ आदि विशेषणों से नवाजा। सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की।


विदाई समारोह को प्रो.संतोष कुमार सिंह, डॉ. देबाशीष डांगर, प्रो. कुमार साकेत, प्रो.राजेश कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. सरताज सुभानी, डॉ. फरहत आमेज़, प्रो. अवधेश मुखिया डॉ. नवल किशोर पोद्दार, प्रबीर कुमार सिन्हा, रंजीत दत्ता के अलावा छात्र नेता नेता अमन रज़ा, गोपाल कुमार, एंजिल कुमार, अंकुश राज, नीतीश कुमार सिन्हा आदि ने भी संबोधित किया। अंत में डॉ.आलम के नन्हें नाती मिस्कात रज़ा ने भी उनके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की। समारोह में सभी शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।

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