सागर चंद्रा/किशनगंज
झाड़ फूंक के चक्कर में पड़ जाने से एक सर्पदंश पीड़ित बच्चे की मौत हो गई। हालांकि तांत्रिक के द्वारा हाथ खड़े करने के बाद परिजनों ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां चिकित्सक और कर्मियों ने उसे जीवनदान देने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन 20 वाइल विषरोधी दवा दिये जाने के बावजूद भी उसकी मौत हो गई। चिकित्सक के द्वारा जांचोपरांत रूपादह निवासी 10 वर्षीय विनय कुमार को मृत घोषित करते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। आखिरकार रोते बिलखते परिजन शव को लेकर घर वापस लौट गए।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात विनय को सुषुप्तावस्था ने एक जहरीले सांप ने काट लिया था। पहले तो उसने सोचा कि किसी चूहे ने उसे काट लिया है। लेकिन कुछ देर बाद जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन उसे अस्पताल में भर्ती ना करा कर एक तांत्रिक के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए।
वहीं तांत्रिक भी जहर उतारने का दावा कर तरह तरह के स्वांग रचने लगा। जिससे धीरे-धीरे सांप के जहर ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया और कुछ ही देर बाद विनय की तबीयत बिगड़ने लगी।
उसकी लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए तांत्रिक ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए। तब जाकर परिजनों ने विनय को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। जहर के पूरे शरीर में फैल जाने के कारण शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई।


























