मानवीय रिश्ता हुआ तार-तार, सगे दादा ने नाबालिग पोती के साथ किया दुष्कर्म, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल
परिजनों की हत्या का भय दिखा कर किया दुष्कर्म
पीड़िता हुई डिप्रेशन की शिकार
सागर चंद्रा/किशनगंज
किशनगंज में एक बार फिर से मानवीय रिश्तों को तार-तार कर देने वाली शर्मनाक घटना सामने आई है। जिस दादा की गोद में खेलकर पोती बड़ी हो रही थी, उसी सगे दादा ने अपने ही 13 वर्षीय नाबालिग पोती को बार-बार हवस का शिकार बना डाला।
मामले का खुलासा तब हुआ जब घटना के कारण पीड़िता डीप्रेशन का शिकार हो गुमसुम रहने लगी। उसकी स्थिति को देखकर परिजन काफी चिंतित हो गए। मां के द्वारा काफी कुरैदे जाने पर जब पीड़िता ने उन्हें दादा के कुकृत्य की जानकारी दी, तो मां के पैरों तले की जमीन खिसक गई। परिजनों को घटना की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। आरोपी दादा ने बदनामी का भय दिखाकर मामले को दबाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन पीड़िता और उसकी मां इंसाफ के जिद पर अड़े रहे।
आखिरकार आरोपी दादा को उसके किये की सजा दिलाने की मांग कर मां अपनी नाबालिग बेटी को साथ लेकर पुलिस के समक्ष जा पहुंची। मां की लिखित शिकायत पर महिला थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दादा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिसिया पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
जानकारी के अनुसार गत 25 अप्रैल को पीड़िता अपने घर में अकेली थी। घर में दादा के उपस्थित रहने के कारण परिजन निश्चिंत होकर समारोह में भाग लेने गये थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उन्होंने अपनी फूल सी बेटी को किसी राक्षस के हवाले कर दिया है। मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी दादा ने अपनी पोती के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता गिड़गिड़ाते हुए राक्षस दादा से रहम की गुहार लगाती रही। इसके बावजूद भी आरोपी का दिल नहीं पसीजा। इसके बाद तो यह सिलसिला आम हो गया।
आरोपी को जब भी मौका मिलता था वह अपनी ही पोती को हवश का शिकार बना लेता था। इस दौरान आरोपी ने नाबालिग को पूरे परिवार के साथ हत्या करने की धमकी दी थी। जिससे पीड़िता भयभीत हो गई थी। साथ ही लोकलाज की खातिर भी उसने चुप्पी साध रखी थी। जिससे वह धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो गई।इस घटना के उजागर होने के बाद सभी आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं























