किशनगंज। रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज के तत्वावधान में ग्राम पंचायत रायपुर में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों, युवाओं एवं विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तंबाकूमुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यनारायण के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. मुकुल कुमार, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. श्वेता कुमारी एवं डॉ. केविन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी वक्ताओं ने ग्रामीणों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों एवं छात्र-छात्राओं ने तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट तथा अन्य निकोटीन उत्पादों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रोक एवं श्वसन संबंधी समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही लोगों से तंबाकू छोड़ने और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
इस अवसर पर जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण कार्यक्रम एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने “तंबाकू मुक्त गांव, स्वस्थ गांव” का संकल्प लेते हुए समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने बताया कि आज युवाओं को आकर्षित करने के लिए तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग, विभिन्न फ्लेवर और भ्रामक प्रचार-प्रसार का सहारा लिया जा रहा है, जिससे निकोटीन की लत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता ही इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम के अंत में सभी नागरिकों से स्वयं तंबाकू से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही तंबाकूमुक्त समाज और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित इस जन-जागरूकता अभियान ने ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया।























