अररिया /अरुण कुमार
राष्ट्रीय जनता दल प्रदेश नेतृत्व के दिशा निर्देश पर फारबिसगंज प्रखंड मुख्यालय में बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, व्याप्त भ्रष्टाचार, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ एक दिवसीय धरना का आयोजन प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप मंडल की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष व्यवसायिक प्रकोष्ठ अमित पूर्वे द्वारा किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष अविनाश आनंद, जिला अध्यक्ष अति पिछड़ा प्रकोष्ठ महानंद विभु, जिला अध्यक्ष नगर निकाय प्रकोष्ठ वाहिद अंसारी, प्रदेश प्रधान महासचिव आयुष अग्रवाल, पूर्व जिला प्रधान महासचिव अरुण यादव आदि वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा बिहार में बढ़ती महंगाई गरीबी बेरोजगारी भ्रष्टाचार एवं गिरती विधि व्यवस्था के खिलाफ संपूर्ण बिहार के सभी प्रखंड में राष्ट्रीय जनता दल द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आज बृहद पैमाने पर हो रहा है ।
वक्ताओं ने कहा कि बिहार में आए दिन बढ़ते अपराध एवं भ्रष्टाचार से बिहार की आम जनता त्रस्त है महंगाई इस प्रकार से बढ़ रही है जहां सरकार का नियंत्रण कुछ नहीं है आम जनता कमरतोड़ जनमारूं महंगाई को झेलने के लिए विवस है बिहार में सबसे ज्यादा गरीबी बेरोजगारी और भुखमरी है और सरकार समृद्धि यात्रा पर निकालकर करोड़ों खर्च कर बिहार का मजाक बना रहे हैं बिहार में भ्रष्टाचार इतनी चरम पर है कि बिहार के महालेखाकार ने राज्य में 2023 – 24 के रिपोर्ट में 70 .877 करोड़ रुपया का हिसाब नहीं मिलने का खुलासा किया है।
राजद नेताओं ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में 26 पुल गिरने और ध्वस्त होने की घटना सामने है सिर्फ मई महीने में विक्रमशिला पुल गिर गया वही जून के शुरुआत में बक्सर में एक नव निर्मित रोड ओवर ब्रिज उद्घाटन के चार दिन बाद ही दह गया अररिया में वर्ष 2024 25 एवं 26 में कई पुल दह गए तो कई धंस गए सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए खुले मंच से अनाप-शनाप बोलकर सामाजिक तनाव को पैदा करते हैं ।
नेताओ ने कहा कि आज सरकार का कोई भी विभाग भ्रष्टाचार की डुबकी लगाए बिन रह नहीं सकती है जनता हर विभाग का चक्कर लगाते लगाते हवाई चप्पल भी उनके पैर में अब नहीं रहा महंगाई इस तरह आसमान को छू रही है कि आम जनता दो वक्त का हरी सब्जी और नमक खरीदने पर लाचार है बिहार में विधि व्यवस्था पूर्णतया चौपट हो गई है ।
फलस्वरुप अपराधिक घटना में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है और अपराधियों का मनोबल बढ़ाना सामान्य बात हो गई है दिनदहाड़े बैंक, व्यवसायिक प्रतिष्ठान में डकैती को रोकने में सरकार विफल है सबसे शर्मनाक और घृणित बात तो यह है कि पिछले 6 महीने में अबोध एवं नाबालिक लड़कियों के साथ-साथ महिलाओं का अपहरण बलात्कार और उनकी हत्या जैसे घृणित वारदातों का सिलसिला थम नहीं रहा है बिहार में शराबबंदी के आड़ में समानांतर व्यवसाय चल रही है।
लोगों को कालाबाजारी करने वाले घर-घर तक शराब पहुंचाने वाले अवैध धंधा करने वाले के साथ प्रशासन मिलकर अपना जेब भर रही है शराबबंदी की ओट में कई हजार करोड रुपए की एक समानांतर अर्थव्यवस्था प्रदेश में चल रही है अपराधी आए दिन सड़क चलते गांव में घुसकर हत्या लूट जैसे बारदातों को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई है।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से अविनाश आनंद, अमित पूर्वे, प्रदीप मंडल, अरुण यादव, वाहिद अंसारी , आयुष अग्रवाल, महानंद विभु, जनार्दन यादव, मोहम्मद शकील इकराम, इबरार आलम, रविंद्र यादव, दिलीप यादव, विनोद यादव , संजय अग्रवाल, कमल जिंदल, सीपू मंडल, बिजली देवी, अनीता देवी , शैरुन निशा, मुन्नू पासवान, भोली देवी, अरुण यादव आदि मौजूद रहे।


























