सालमारी /सालमारी बाजार स्थित हजरत शाह एहसानुल हक मज्जुब बाबा उर्फ मस्तान बाबा का सालाना उर्स शुक्रवार को शुरू हो कर शनिवार के रात में शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अकीदतमंदों के बीच लंगर का वितरण किया गया। उर्स कमेटी के सचिव बदरूज्जमा ने बताया की मस्तान बाबा के मानने वाले बिहार बंगाल तक फैला हुआ है।
प्रत्येक वर्ष उर्स के मौके पर हज़ारों अकीदतमंद मजार शरीफ में हाजरी दे कर फातेहा खानी में शरीक हो कर अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए दुआ करते हैं। उर्स के मौके पर अकीदतमंदों की सुविधा के लिए कमेटी की ओर से बिजली, पानी, पंडाल के साथ साथ हर तरह की तैयारी की गयी थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस सहित भोलेंटियर तैनात रहा।
उन्होंने बताया की शुक्रवार के शाम में बाद नमाज मगरीब चादर पोसी, कूल शरीफ, फातेहा खानी के बाद महफ़िले शमा कव्वाली का आयोजन किया गया।
वहीं शनिवार को बाद नमाज फजर कुरआर खानी, कूल शरीफ के बाद फातेहा खानी के बाद लंगर का वितरण के साथ समापन हुआ। उन्होंने बताया की मस्तान बाबा अपने जमाने वाली एक वली कामिल की हैसियत रखते थे। सालमारी में उनके बहुत से करामात को यहां के लोग आज भी याद करते हैं। उनके मजार शरीफ में जो भी सच्चे दिल से दुआ मांगते हैं। उनकी दुआ कबूल होती है।




























