कोचाधामन के बाभन गांव में एकदिवसीय संस्कार महोत्सव व प्रज्ञा गोष्ठी संपन्न, भक्तिमय हुआ माहौल

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कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत बाभन गांव में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में एकदिवसीय संस्कार महोत्सव एवं प्रज्ञा गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे मनोज कुमार तिवारी ने की। उनके साथ शांतिकुंज का प्रतिनिधित्व कर रहे सुधांशु प्रसाद भी मौजूद रहे। प्रज्ञा संगीत की टोली ने हरिश्चंद्र सिंह की उपस्थिति में भाव-भक्ति से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्रज्ञा पुत्र, शिक्षाविद एवं पर्यावरणविद तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्यामानंद झा ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक चेतना है, जहां अवतार की परंपरा जीवंत रही है। उन्होंने कहा कि भक्ति वैश्विक हो सकती है, लेकिन अवतार की परंपरा भारत की विशिष्ट धरोहर है।


झा ने कहा कि अयोध्या की पावन भूमि पर भगवान राम ने जन्म लेकर मर्यादा का संदेश दिया, जबकि भगवान कृष्ण ने कारागार में जन्म लेकर यह सिद्ध किया कि घोर अंधकार में भी प्रकाश का अवतरण होता है। उन्होंने गीता के 18 अध्यायों को गुरु-शिष्य संवाद बताते हुए कहा कि यह मानव और विश्व कल्याण का महान ग्रंथ है। इसी प्रकार 108 उपनिषद भी गुरु-शिष्य संवाद की परंपरा का परिणाम हैं। उन्होंने आध्यात्मिक विज्ञान और भौतिक विज्ञान के समन्वय को ही वास्तविक धर्म बताया।


अपने संबोधन में उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने गायत्री महामंत्र के माध्यम से चेतना जागरण का व्यापक अभियान चलाया तथा लगभग 3200 से अधिक सद्ग्रंथों की रचना कर विश्व मानवता को दिशा दी।
शांतिकुंज के प्रतिनिधि सुधांशु प्रसाद ने स्थानीय लोगों की सरलता और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अभी और कार्य करने की आवश्यकता है। वहीं मनोज तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम में उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति हुई और श्यामानंद झा के व्यक्तित्व में गुरुदेव की छवि स्पष्ट झलकती है।


पर्यावरण संरक्षक राकेश कुमार ने वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता जताते हुए वृक्षारोपण का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान यज्ञ परिसर के बाहर वृक्षारोपण भी किया गया। दो नवविवाहित दंपत्तियों को दांपत्य जीवन के लिए संकल्प दिलाया गया तथा विभिन्न वैदिक संस्कार दिव्य वातावरण में संपन्न कराए गए।


यज्ञ की पूर्णाहुति में हरिश्चंद्र प्रसाद सिंह, बाबूलाल सिंह, वीणा देवी, हेमलता, विमल कुमार, माधुरी कुमारी, कावेरी कुमारी, सिप्टी सिंह और डिप्टी सिंह की भूमिका सराहनीय रही। शांति अभिषेचन के साथ कार्यक्रम का समापन दिव्य एवं भव्य वातावरण में संपन्न हुआ।

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