बाल अधिकारों की सुरक्षा को लेकर डीएम विशाल राज सख्त, रेस्क्यू टीम ही दर्ज कराएगी एफआईआर

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संवाददाता/किशनगंज

समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक समीक्षा तथा मानव व्यापार विरोधी इकाई की संयुक्त समीक्षा बैठक में बाल अधिकारों की सुरक्षा हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि बच्चों का रेस्क्यू करने वाली टीम द्वारा ही अब अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, ताकि अपराधियों और तस्करों के विरुद्ध बिना किसी विलंब के कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सुरक्षित स्थान ( के किशोरों के सर्वांगीण विकास हेतु एक विशेष मासिक कार्ययोजना तैयार कर उन्हें नियमित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही, संस्थानों के जर्जर भवनों की अविलंब मरम्मत, पेयजल से आयरन की समस्या का समाधान, नियमित फॉगिंग और अग्नि सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को जवाबदेही सौंपी गई। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने गणित एवं विज्ञान शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ को नामित करने का आदेश दिया। बैठक में जिले में लंबित 228 पॉक्सो मामलों के त्वरित निष्पादन की समीक्षा की गई और प्रखंड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से ‘चाइल्ड हेल्पलाइन 1098’ के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया। इस दौरान आलोक कुमार भारती, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, डी०पी०ओ०, आईसीडीएस, पुलिस उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, श्रम अधीक्षक, बी०एस०एफ० और एस०एस०बी० के प्रतिनिधि, बाल संरक्षण पदाधिकारी के अतिरिक्त अन्य पदाधिकारी, कर्मी एवं गैर सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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