टेढ़ागाछ (किशनगंज): विजय कुमार साह
सरकार द्वारा संचालित राज्यस्तरीय शीर्ष सहकारी संस्था बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड), पटना की इकाई कोसी डेयरी प्रोजेक्ट के तहत रविवार को टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत फाराबाड़ी गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति का गठन किया गया है। समिति के गठन से गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों में हर्ष का माहौल है और दुग्ध व्यवसाय को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।
दुग्ध उत्पादक समिति के गठन से अब स्थानीय किसान सरकार द्वारा निर्धारित दर पर अपना दूध सीधे बेच सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त होगी और किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा। लंबे समय से दूध बिक्री के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर किसानों को अब गांव में ही संगठित और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध होगी।
टेढ़ागाछ भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष देव मोहन सिंह ने कहा कि दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के गठन से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे दुधारू पशुपालन के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग इस व्यवसाय से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। यदि प्रखंड के प्रत्येक गांव में इसी तरह की दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन होता है तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा।
प्रखंड बीस सूत्री सदस्य रवि कुमार दास ने भी समिति के गठन को किसानों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि दुधारू मवेशी पालक किसानों को इससे नियमित आय का स्रोत मिलेगा और पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण संजीत कुमार, बिजली सिंह, मोहब्बत लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने दुग्ध उत्पादक समिति के गठन के लिए कोसी डेयरी प्रोजेक्ट की जिला इकाई किशनगंज, कॉम्फेड के जिला प्रभारी श्री वेद प्रकाश एवं रूट सुपरवाइजर श्री रौशन कुमार के प्रति आभार प्रकट किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




























