किशनगंज पुलिस मामले के जांच में जुटी
किशनगंज /सागर चन्द्रा
बंगाल के रामपुर के निकट एनएच 27 पर कैश वैन से 2 करोड़ 3 लाख रुपये लूट मामले में पेंच फंसता ही जा रहा है। टाउन थाना पुलिस के द्वारा जीरो एफआईआर दर्ज कर चाकुलिया थाना भेजे जाने के बावजूद भी बंगाल पुलिस केस दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। इधर मामले की जांच के लिए एसआईएस के वरीय अधिकारियों की टीम मंगलवार रात किशनगंज पहुंच गई।
टाउन थाना पुलिस से घटना की विस्तृत जानकारी लेने के बाद टीम मंगलवार रात पांचों कर्मियों को साथ लेकर केस दर्ज कराने के लिए चाकुलिया थाना गई। लेकिन बंगाल पुलिस ने घटनास्थल के बिहार होने का हवाला देकर उन्हें बैरंग वापस भेज दिया। घटना के बाद से लेकर बुधवार देर शाम तक चाकुलिया थाना में केस दर्ज नहीं किया गया था। हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर एसआईएस टीम में शामिल अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया। जबकि जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद टाउन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसपी इनामुल हक मेगनू के निर्देश पर एसडीपीओ अनवर जावेद अंसारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है।
इस टीम में जिले के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों के साथ साथ टेक्निकल सेल को शामिल कर जांच की रफ्तार तेज कर दी गई है। वहीं एसडीपीओ ने बताया कि घटनास्थल बंगाल में होने के कारण एसआईएस के कर्मियों को केस दर्ज कराने के लिए चाकुलिया थाना भेजा गया था।लेकिन केस दर्ज किये बिना ही उन्हें लौटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि किशनगंज पुलिस अपने स्तर से मामले की पड़ताल कर रही है। बताते चलें कि गत मंगलवार को शहर से सटे बंगाल के रामपुर के निकट एसआईएस के कैश वैन से स्कार्पियो वाहन सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर 2 करोड़ 3 लाख रुपये लूट लिए थे। घटना के बाद से ही किशनगंज पुलिस कैश वैन सवार गार्ड जमील अख्तर, गनमैन गुलजार हुसैन व सुल्तान के साथ साथ संरक्षक विनय कुमार मंडल और दशरथ राउत से लगातार पूछताछ कर रही है।