मिशन इंद्रधनुष: चौथे दिवस तक 574 सेशन साइट में 9497 बच्चों एवं 1859 गर्भवती महिलाओं को लगाया गया टीका 

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शतप्रतिशत नियमित टीकाकरण के लिए जारी है मिशन इंद्रधनुष 4.0 के तीसरे चरण का अभियान 

– सामान्य टीकाकरण से वंचित 02 साल से कम उम्र के सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को लगाया जा रहा टीका

12 वर्ष के ऊपर के कोविड टीकाकरण पर भी है पैनी नजर-

किशनगंज :मिशन इंद्रधनुष के लक्ष्यों की शत् प्रतिशत उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग कटिबद्ध है। नियमित टीकाकरण से वंचित 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण से लाभान्वित करने के लिए 04 मई  से जिले में मिशन इंद्रधनुष 4.0 अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत की गई है। सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 कार्यक्रम के तहत टीकाकरण के 100 प्रतिशत आच्छादन की प्राप्ति को लेकर जिले के सभी प्रखंडों में छठे  दिन तक चयनित कुल लक्ष्य 730 सत्र स्थलों के आलोक में  574 सेशन साइट में 9497 बच्चों एवं 1859 गर्भवती महिलाओं को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाव हेतु निःशुल्क टीकाकरण किया गया है। अभियान की सफलता के लिये चिह्नित सत्र स्थानों पर घर- घर घूमकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का सर्वे भी किया जा रहा  है। सत्र के निर्धारण में कम आच्छादन वाले टीकाकरण सत्र व ऐसे जगहों को चिह्नित किया गया जहां बीते छह माह के दौरान कम से कम दो बार नियमित टीकाकरण सत्र संचालित नहीं हो सके हैं। ईंट भट्ठा, दूर-दराज के ग्रामीण इलाके, मलिन बस्तियां सहित अन्य स्थानों पर सत्र संचालन को प्राथमिकता दी गयी है। इस अभियान में अन्य विभागों का  भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही जिलास्तरीय स्वास्थ्य विभाग, सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारियों के बीच प्रखंडों का विभाजन कर नियमित सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण किया जा रहा है । प्रत्येक कार्य दिवस को संध्याकालीन बैठक कर कार्य प्रगति की समीक्षा की जा रही है । 

एक भी बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित न रहने पाये-

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. देवेन्द्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के तहत टीकाकरण से वंचित दो वर्ष तक के सभी बच्चों व सभी गर्भवती महिलाओं तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित कराना मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। मिशन इंद्रधनुष की कार्ययोजना के अनुरूप अयोजित किये गये सत्र स्थलों पर लक्षित लाभार्थियों को उनका टीका लगा या नहीं यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। इसके लिए पर्यवेक्षण कार्य जिले के सभी प्रखंडों में जिले के पदाधिकारी के अलावा प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, केयर इंडिया के प्रतिनिधि, यूनिसेफ एवं डब्ल्यूएचओ के एसएमसी, फील्ड मॉनिटर आदि द्वारा किया जा रहा है। सरकार द्वारा आरंभ किया गया टीकाकरण अभियान ऐसी कई बीमारियों की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए किया गया है जिसमें बीमारियों के कारणों की कड़ी यानि चेन को तोड़ा जा सके। इसलिए टीकाकरण के परिणामों को हासिल करने के लिए जरूरी है कि एक भी बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित न रहने पाये। गौरतलब है कि नियमित टीकाकरण के मामले में फिलहाल जिले की उपलब्धि 76 फीसदी के करीब है। 02 वर्ष उम्र तक के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत उपलब्धि 100  फीसद तक ले जाने का प्रयास किया जायेगा।

 12 वर्ष के ऊपर के कोविड टीकाकरण पर भी है पैनी नजर-

सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने बताया जैसा कि हम सभी जान रहे हैं सरकार द्वारा 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को कोविड- 19 का टीका लगाने का अतिमहत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का अनुमानित लक्ष्य 95 हजार के आलोक में अब तक 66 हजार (69.5%) टीकाकरण हुआ है । वहीं 12 वर्ष के ऊपर के कुल लक्ष्य 13.60 लाख के आलोक में 11.49 लाख प्रथम एवं 8.95लाख दूसरा डोज दिया गया है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रीकॉशन डोज के कुल लक्ष्य 48.5 हजार के आलोक में 20.3 हजार लोगों को डोज दी गयी है। वहीं टीकाकरण से वंचित लोगों के बारे में घर-घर जाकर किये जा रहे पर्यवेक्षण के दौरान पता लगाया जा रहा है।

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