अररिया :लोहिया स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का हुआ आयोजन

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अररिया /बिपुल विश्वास

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान द्वितीय चरण ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य अवयवों पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभा भवन में किया गया। जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच द्वारा उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.उक्त अवसर पर उप विकास आयुक्त मनोज कुमार भी उपस्थित थे।उन्मुखीकरण सह कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीआरडीए निदेशक अनिल कुमार झा ने अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य अवयवों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

उनके द्वारा बताया गया कि फेज-2 अंतगर्त ODF-Plus एवं SLWM का उद्देश्य ग्राम पंचायतों द्वारा खुले में शौच से मुक्ति का स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार के माध्यम से समुदायों का व्यवहार परिवर्तन, चिन्हित नये परिवारों या छूटे हुए परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय की सुलभता तथा चरणबद्ध तरीके से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन करना है। इस क्रम में उनके द्वारा बताया गया कि ठोस अवशिष्ट प्रबंधन (जैविक अवशिष्ट प्रबंधन, घरेलु स्तर पर कंपोस्ट गड्ढ, समुदायिक स्तर पर कंपोस्ट गड्ढ, नाडेप, इत्यादि) गोबरधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, घूसर जल का प्रबंधन, मलिन जल प्रबंधन, मलयुक्त कीचड़ प्रबंधन, शौचालय की मरम्मत, समुदायिक स्वच्छता परिसर, व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण इत्यादि का समुचित प्रबंधन शामिल है।






उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को प्रत्यक्ष रूप से स्वच्छ बनाया जाना, सभी ग्राम पंचायतों को वर्ष 2024 -25 तक ओडीएफ प्लस बनाया जाना है। उन्होंने बताया कि ओडीएफ प्लस अंतर्गत 25 पंचायत को चिन्हित करते हुए कार्य योजना बनाया गया है। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में सभी चयनित पंचायतों के लिए बेहतर कार्य योजना तैयार करने और विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में कार्यों को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ करने का निर्देश सभी संबंधित पदाधिकारियों को दिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिस पंचायत में ग्राम सभा आयोजित नहीं की गई है वहां ग्राम सभा आयोजित कर, प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा स्वीकृति के पश्चात अग्रेतर कार्रवाई करें।कार्यशाला में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, जिला समन्वयक एलएसबीए, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कार्यपालक अभियंता मनरेगा, राज्य स्तरीय प्रतिनिधि एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारी द्वारा भाग लिया गया।









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