कटिहार – डीएस कॉलेज, कटिहार पूर्णिया विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई का 73 वाँ स्थापना दिवस समारोह महाविद्यालय के परीक्षा भवन में आयोजित किया गया। वर्ष 1953 में स्थापित इस ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान के स्थापना दिवस पर शिक्षाविदों,समाजसेवियों,पूर्व प्राचार्यों,पूर्व शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों उपस्थिति रही। महाविद्यालय प्रत्येक वर्ष अपने संस्थापक स्वर्गीय दर्शन साह के शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए स्थापना दिवस मनाता हैं।
समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रशांत कुमार ने की। उन्होंने कहा कि डीएस कॉलेज अपनी गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा,अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर क्षेत्र के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं । उन्होंने संस्थान के सर्वांगीण विकास में सभी के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।पूर्व प्राचार्य प्रो. एस एन कर्ण ने महाविद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि डीएस कॉलेज ने दशकों से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर समाज को योग्य नागरिक दिए हैं।
संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुशासन की परंपरा को इसकी सबसे बड़ी शक्ति बताया। संस्थान के दानदाता अशोक साह ने संस्थापक दर्शन साह के शिक्षा – समर्पित व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए कहा कि समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा हैं। वहीं महाविद्यालय के दानदाता लड्डू सिंह ने कहा कि डीएस कॉलेज क्षेत्र की शैक्षणिक धरोहर हैं और इसके विकास एवं उन्नयन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए।महाविद्यालय हेतु भूमि दानदाता परिवार के कुमार मनीष ने महाविद्यालय के विकास हेतु एवं शैक्षणिक वातावरण दुरुस्त करने के संबंध में अपने विचार रखे।
वरिष्ठ शिक्षकों डॉ.एस.एन. जयसवाल, डॉ. जगदीश चंद्रा,डॉ. भुवनेश यादव,डॉ. के. पंकज,डॉ. मनीष झा तथा डॉ. अरविंद ठाकुर ने महाविद्यालय की उपलब्धियों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,शोध एवं नवाचार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर अपने विचार व्यक्त किए।
पूर्णिया विश्वविद्यालय सीनेट सदस्य शिव शंकर सरकार ने कहा कि डी.एस. कॉलेज ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अनुरूप संस्थान के विकास एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार पर बल दिया।इस अवसर पर प्रो. मदन कुमार झा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने संस्थापक स्वर्गीय दर्शन साह को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की तथा इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


























