कटिहार – बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति पटना के तत्वाधान में जिला एड्स बचाव एवं नियंत्रण इकाई कटिहार की ओर से सिविल सर्जन सभागार में एचआईवी -एड्स व स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन रेल सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर अबेदानन्द सिंह, सीडीओ डॉ. अशरफ रिजवी,ब्लड सेन्टर, सदर अस्पताल कटिहार के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरएस सुमन एवं डीपीएम शौनिक प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम का संचालन डीपीएम डेप्कू शौनिक प्रकाश ने किया।इस कार्यक्रम में भाग ले रहे रेलवे पुलिस बल के एक सौ जवानों एवं अधिकारियों को एचआईवी-एड्स एवं स्वैच्छिक रक्तदान विषय पर विशेष जानकारी दी गयी। डीपीएम शौनिक प्रकाश ने बताया कि एचआईवी एड्स की जानकारी व उपचार संबंधित जानकारी के लिए कोई भी टाॅल फ्री नंबर 1097 पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने एचआईवी एड्स एक्ट 2017 के बारे में विस्तार से बताया। आरपीएफ इंस्पेक्टर अभेदानन्द सिंह ने बताया कि आरपीएफ जवानों को स्वास्थ्य गतिविधियों को ध्यान में रखकर सजग रहने की जरूरत है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएस सुमन ने बताया कि एचआईवी एड्स एवं स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कटिहार जिले 150 से अधिक बच्चे थेलीसिमिया बीमारी से पीड़ित हैं।
इन बच्चों के शरीर में जन्म से ही ब्लड नहीं बनता है। भारत सरकार एवं बिहार सरकार के निर्देश पर प्रतिमाह इन बच्चों को ब्लड सेन्टर सदर अस्पताल, कटिहार द्वारा एक-एक यूनिट ब्लड मुफ्त उपलब्ध कराना होता है। सरकारी एवं गैर सरकारी संस्था व संगठनों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में हुए ब्लड डोनेशन का ब्लड इन्हीं बच्चों को जीवन रक्षा के लिए दिया जाता है। ऐसी में कटिहार जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी विभागों व संस्थाओं नैतिक जिम्मेदारी है कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने में बढ़ चढ़ कर भाग लें।
पीपीटीसीटी काउंसलर आभा कुमारी ने एस टी आई के बारे मे विस्तार से बताया और सरकार द्वारा मिल रही सुविधाओं के बारे मे विस्तार पूर्वक जानकारी दी। सीडीओ डॉ अशरफ रिजवी ने टीवी बीमारी के बारे मे विस्तार पूर्वक बताया और सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर पीपीसीटी के महिला कांउनसेलर डाॅ. आभा कुमारी, डेप्कू एकाउंट प्रभाकर लाल दास, दिनेश कुमार कुशवाहा,राहुल कुमार, अश्विनी झा, सन्नी पोद्दार, मो. परवेज जफर अशरफी, पवन कुमार व आरपीएफ जवान मौजूद रहे ।


























